अलवर: केंद्रीय वन मंत्री भूपेंद्र यादव का कहना है कि लंबे समय से अटके हुए सरिस्का के क्रिटिकल टाइगर हैबिटेट (सीटीएच), लोकल सेंचुरी व इकोनामिक सेंसेटिव जोन की कार्रवाई को भाजपा सरकार ने आगे बढ़ाने का कार्य किया है. अब सुप्रीम कोर्ट ने भी सीटीएच की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की मंजूरी देने के साथ ही सेंचुरी बनाने का काम सौंपा है. तो विरोधियों के मुंह अब अपने आप बंद हो गए हैं. केन्द्रीय मंत्री ने शुक्रवार को शहर के कंपनी बाग में लोगों से चर्चा के दौरान यह बात कही.
केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने कहा कि लंबे समय से महाराजा भर्तृहरि के क्षेत्र के जंगल में सीटीएच का मामला पेंडिंग था. सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार अब नियमों के तहत इस कार्य को आगे बढ़ाया जाएगा. इसके साथ ही महाराजा भर्तृहरि के स्थान को भी गौरवशाली बनाया जाएगा. केंद्रीय वन मंत्री ने कहा कि सरिस्का के साथ ही अलवर शहर में भी पर्यटक आने चाहिए. इसके लिए आगामी 8 फरवरी को इंटरनेशनल टाइगर मैराथन का आयोजन किया जाएगा. इस दौरान शहर को साफ कर स्वच्छता का संदेश भी दिया जाएगा. इससे अलवर का नाम पर्यटन की दृष्टि से विश्व मानचित्र पर पहुंचने में सहायता मिलेगी.
120 करोड़ की लागत से रेलवे स्टेशन का नया भवन बनेगा: केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने कहा कि अलवर में 120 करोड़ की लागत से रेलवे स्टेशन का नया भवन बनाया जाएगा. संभवत आगामी नवंबर में इस नए भवन के भूमि पूजन का काम किया जाएगा. उन्होंने बताया कि पिछले दिनों प्रदेश के वन मंत्री संजय शर्मा एवं अलवर के अन्य लोगों ने केन्द्रीय रेल मंत्री से मुलाकात कर अलवर के रेलवे स्टेशन के विस्तार की जरुरत बताई थी, जिस पर केंद्रीय रेल मंत्री ने अलवर में नए रेलवे स्टेशन भवन निर्माण की बात कही. यादव ने बताया कि अलवर में डेयरी प्लांट पुराना है. यहां नया संयंत्र लगाने की जरूरत है. इसके लिए जल्द ही 320 करोड़ रुपए का बजट मिलेगा. इसके बाद अलवर में डेयरी के नए संयंत्र लगाने का कार्य शुरू होगा.
हर घर में कचरे का सेग्रिगेशन जरूरी: केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने आमजन से चर्चा के दौरान कहा कि अलवर को स्वच्छ रखना जरूरी है. इसके लिए पूर्व में अलवर नगर निगम मेयर व आयुक्त को इंदौर की सफाई व्यवस्था देखने के लिए वहां भेजा गया था. उन्हें वहां भेजने से अलवर इंदौर तो नहीं बन सका, लेकिन स्वच्छता की रैंकिंग में 366वें स्थान से 54वें पर आ गया. उन्होंने कहा कि अलवर को स्वच्छ रखने के लिए जरुरी है कि हर घर में कचरे का सेग्रिगेशन किया जाए. घरों से ही सूखा व गीला कचरा अलग-अलग करने से निगम को कचरे के निस्तारण में काफी सहायता मिलेगी. उन्होंने कहा कि हर घर में प्रतिदिन एक किलो कचरा निकलना सामान्य बात है. इस हिसाब से अलवर में महीने में लाखों किलो कचरा एकत्र हो जाता है. कचरा निस्तारण के लिए नगर निगम व यूआईटी के साथ प्रशासन की बैठक में चर्चा कर योजना बनाने का कार्य भी किया जाएगा.




















