धौलपुर: सैपऊ उपखंड के गांव रजोरा कला में पिछले डेढ़ महीने से मुख्य मार्ग और उससे सटे मकान चारों ओर से पानी से घिरे हुए हैं. खेतों से लगातार आ रहे पानी के कारण पूरा गांव जलमग्न हो गया है. ग्रामीणों को न केवल आवागमन में भारी परेशानी हो रही है, बल्कि घरों में घुसने वाले पानी के साथ कीड़े-मकोड़े, सांप और बिच्छू भी निकलने लगे हैं, जिससे पूरे गांव में दहशत का माहौल है.
ग्रामीणों ने बताया कि गांव का मुख्य रास्ता, जिसे पानी की निकासी के लिए कुछ समय पहले काटा गया था, कुछ लोगों द्वारा रात में बंद कर दिया जाता है. इसके चलते आसपास के मकानों में पानी भर गया है और उनके गिरने का खतरा मंडरा रहा है. पूर्व सरपंच साहब सिंह ने बताया कि डेढ़ महीने से खेत पानी में डूबे हुए हैं. मुख्य मार्ग पर बने मकान, सरकारी स्कूल, पंचायत भवन और अन्य कार्यालय भी चारों तरफ से पानी से घिरे हुए हैं. इस समस्या को लेकर ग्राम पंचायत, तहसील और उपखंड प्रशासन को कई बार शिकायतें दी गईं, लेकिन कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है.
ग्रामीणों के अनुसार रास्ते पर पानी भरने से स्कूली बच्चों और बीमार लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. सामान्यतः 200 मीटर का रास्ता तय करने के लिए अब लोगों को करीब 3 किलोमीटर का चक्कर लगाकर जाना पड़ रहा है. बच्चों को स्कूल पहुंचाने के लिए परिजन ट्रैक्टर-ट्रॉली या अन्य साधनों का सहारा ले रहे हैं. बीमारों को लोग चारपाई या हाथ ठेले पर लादकर पानी पार करा रहे हैं.ग्रामीणों का आरोप है कि समस्या की गंभीरता के बावजूद न तो पंचायत और न ही उपखंड प्रशासन कोई ठोस कार्रवाई कर रहा है. इससे मुख्य मार्ग पर बने मकानों के ढहने की आशंका बढ़ गई है.
फसलें हुईं बर्बाद: बारिश से जहां घरों में पानी घुसने की नौबत आ रही है, वहीं खरीफ की फसल पूरी तरह से बर्बाद हो गई है. फसलों में 3 फीट तक पानी भरा हुआ है. तीन महीने से रुक-रुक कर हो रही बारिश के कारण लोगों का जनजीवन पूरी तरह से अस्त-व्यस्त हो गया है.
नुकसान का करवाएंगे सर्वे: एसडीएम कर्मवीर ने बताया बारिश की वजह से जल भराव के हालात बने हैं. स्थानीय पंचायत को पानी निकासी के लिए निर्देश दिए हैं. वैकल्पिक व्यवस्था कर पानी की निकासी कराई जाएगी. लोगों का नुकसान भी हो रहा है. प्रशासन द्वारा सर्वे कराया जाएगा.




















