अजमेर: केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) की विशेष इकाई रेपिड एक्शन फोर्स (RAF) की 83वीं बटालियन ने शहर में फ्लैग मार्च किया. डेमोग्राफी, पॉपुलेशन एंट्री और एक्जिट आदि चेक की. आरएएफ की सहायक कमांडेंट नंदिनी शर्मा ने बताया कि जयपुर के लालवास से आरएएफ बटालियन रूटीन एक्सरसाइज पर यहां आई. इससे तैयारी जांचते हैं.
उन्होंने कहा कि हम पता लगाते हैं कि कम से कम कितने समय में दंगा या दंगा जैसी स्थिति वाले इलाके में पहुंच सकते हैं. हमारा कॉल ऑन टाइम आधे घंटे है. अपनी तैयारी जांचने के लिए डेमोग्राफी, पॉपुलेशन एंट्री और एक्जिट आदि चेक करते हैं.
असिस्टेंड कमांडेंट नंदिनी शर्मा ने बताया कि अभी 5 दिन का दौरा है. सबसे पहले दरगाह थाना देखा. इसके बाद गंज, सदर, कोतवाली और क्लॉक टावर थाना क्षेत्र का निरीक्षण किया. कई इलाकों की भौगोलिक स्थिति जांची. 5 दिन में अलग-अलग थाना क्षेत्र में फ्लैग मार्च करेंगे. आरएएफ का गठन दंगा और भीड़ जैसी स्थिति से निपटने के लिए किया गया.
आस्ताना शरीफ में कैमरों पर नहीं बनी सहमति: उधर, अजमेर की प्रसिद्ध सूफी संत हजरत ख्वाजा साहब की दरगाह के आस्ताना शरीफ में कैमरे लगाने का विरोध हो रहा है. दरगाह अपार्टमेंट में अहम बैठक में दरगाह की अंजुमन सैय्यद जादगान और शेख जादगान के प्रतिनिधियों समेत दरगाह कमेटी के नाजिम मोहम्मद बिलाल खान, दीवान के उत्तराधिकारी सैय्यद नसीरुद्दीन चिश्ती समेत प्रशासनिक अधिकारी शामिल हुए. आस्ताना शरीफ में सीसीटीवी कैमरे लगाने के खिलाफ खुद्दामे ख्वाजा समाज में नाराजगी है. इस मामले को लेकर दरगाह कमेटी से राय मशविरा किया गया. अंजुमन सैय्यद जादगान के सेक्रेटरी सैयद सरवर चिश्ती और हफ्त बारीदारान और अन्य लोगों ने आस्था और सम्मान के मद्देनजर सीसीटीवी कैमरे नहीं लगाने की बात रखी. नाजिम मोहम्मद बिलाल खान ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार ने सुरक्षा की दृष्टि से कैमरे लगाने की जरूरत बताई है. दरगाह से जुड़ी संस्थाएं कैमरे नहीं लगाने पर एकराय हुई. बिलाल खान ने कहा कि कैमरों का विरोध कर रहे लोगों को जल्द मना लिया जाएगा.




















