जोधपुर: राज्य विधानसभा में गुरुवार को शून्यकाल में राज्य में अतिवृष्टि से हुए नुकसान का मामला गूंजा. इसको लेकर नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने सरकार को घेरा. आपदा प्रबंधन मंत्री किरोड़ी लाल मीणा ने आपदा को लेकर सरकार के प्रयासों की जानकारी दी, लेकिन इसके बाद भी विपक्ष ने जमकर हंगामा किया. संसदीय कार्यमंत्री जोगाराम पटेल की प्रतिपक्ष के विधायकों से बहस भी हो गई. हंगामे के बीच किरोड़ी लाल मीणा ने अपनी बात रखी, लेकिन अंतत अध्यक्ष को विधानसभा की कार्रवाई स्थगित करनी पड़ी.
टीकाराम जूली ने सदन में कहा कि आज सीएम आए हैं, तो घोषणा होगी, लेकिन वे चले गए. इस पर विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने कहा कि वे अपने कक्ष में आपका भाषण सुन रहे हैं. इस पर जूली ने कहा कि उनको बुलाया जाए, जिससे आज पैकेज की घोषणा हो जाए. जूली ने अतिवृष्टि के चलते किसानों को हुए नुकसान और जयपुर शहर में बारिश का पानी भरने की समस्या को लेकर अपनी बात रखी और सरकार से सवाल किया. इस पर देवनानी ने कहा कि सरकार को इस गंभीर विषय पर अपनी बात रखनी चाहिए. इस पर आपदा प्रबंधन व कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा ने जवाब दिया.
मीणा ने कहा कि जहां पर बारिश ज्यादा हुई है, वहां पर नगर पालिका व पंचायत के माध्यम से आश्रय स्थल बनाए हैं. जहां खाना नहीं है, वहां खाना भेजा है. राजस्थान में इस बार 62 प्रतिशत बारिश अधिक हुई है. यह सभी के लिए चिंता का विषय है. असामान्य बारितश 22 जिलों में हुई है. 16 जिलों में बहुत ज्यादा बारिश हुई है. मीणा ने बताया कि बाढ़, अतिवृष्टि के कारण 193 लोगों की मौत हो गई, जबकि 36 घायल हो गए. 600 से ज्यादा पशुओं की मौत हो गई. 1974 पक्के आवास, 752 कच्चे और 152 झोंपड़े गिरे हैं. 3 हजार परिवारों के बर्तन का नुकसान हुआ है.
मीणा ने बताया कि एसडीआरएफ के नियमों के तहत 26 मृतकों के आश्रितों को 104 लाख रुपए बांटे जा चुके हैं. यह क्रम जारी है. मीणा ने कहा कि यह प्राथमिक स्तर का मुआवजा है. जिस भी व्यक्ति को किसी तरह का नुकसान हुआ है, जो उसे मुआवजा जरूर मिलेगा. उन्होंन कहा कि 184 करोड़ रुपए आवासीय क्षति का मुआवजा दिया गया है. मीणा ने कहा कि कांग्रेस के शासन में 50 प्रतिशत नुकसान पर सहायता दी जाती थी, लेकिन मोदीजी के आने के बाद 33 फीसदी नुकसान वालों को मुआवजा दिया जा रहा है. मीणा ने कहा कि हमने गिरदावरी भी करवाई है.
जवाब पर बीच में बोले, तो हुआ हंगामा: मीणा जब जवाब दे रहे थे, तब शांति धारीवाल, रोहित बोहरा ने बीच में बोलना शुरू कर दिया. इससे हंगामा होने लगा. अध्यक्ष ने अशोक चांदना को बैठने के लिए कहा, लेकिन वे नहीं बैठे. इस पर बहस हुई. नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि संसदीय कार्यमंत्री हमारे लोगों को बोलने के लिए उकसा रहे हैं. पटेल ने कहा कि सरकार संवेदनशील है, जनता को राहत दे रही है, लेकिन कांग्रेस जो किसान विरोधी है, जवाब नहीं सुन रहे हैं.
इस दौरान किसी विधायक ने आसन को लेकर टिप्पणी की, तो देवनानी नाराज हो गए. मंत्री अविनाश गहलोत ने इस पर कहा कि आसन को चुनौती नहीं दे सकते हैं. गहलोत ने कहा कि वे राहुल गांधी की तरह आचरण कर रहे हैं. इस दौराना हंगामा बढ़ता रहा. नेता प्रतिपक्ष ने सरकार के मुआवजे को नाकाफी बताया. विधायक नरेद्र बुढानिया ने कहा कि सरकार हैलिकॉप्टर में घूम रही है, लेकिन पानी में डूबे खेत के मालिक किसान और गरीब आदमी को गले लगाने वाला कोई नहीं हैं. विधायक अमित चांचण ने भी मामला उठाया.




















