जोधपुर: उत्तर पश्चिम रेलवे के डेगाना रेलवे स्टेशन पर वातानुकूलित रेल कोच रेस्टोरेंट की शुरुआत की गई है. यह जोधपुर मंडल का दूसरा रेल कोच रेस्टोरेंट है. रेलवे द्वारा गैर यात्री भाड़ा आय बढ़ाने की दिशा में यह एक नवाचार है. इसका अन्य स्टेशनों पर भी योजनाबद्ध तरीके से विस्तार किया जाएगा.
मंडल रेल प्रबंधक अनुराग त्रिपाठी ने बताया कि डेगाना स्टेशन के सर्कुलेटिंग एरिया में स्थापित फुलफगर वीआईपी रेल कोच रेस्टोरेंट यात्रियों और आम शहरवासियों को चलती ट्रेन जैसा अनुभव देगा. यहां प्रवेश के लिए रेलवे टिकट की कोई अनिवार्यता नहीं है. इससे पहले जोधपुर रेल मंडल में बाड़मेर में ऐसा रेस्टोरेंट खोला जा चुका है.
एसी रेस्टोरेंट, रेल को सालाना किराए की कमाई: यह पूर्णत: वातानुकूलित रेस्टोरेंट है, जिसमें एक साथ 55 से 60 ग्राहक बैठकर भोजन का आनंद ले सकेंगे. यहां आने के लिए रेलवे टिकट की आवश्यकता नहीं होगी. डेगाना रेल कोच रेस्टोरेंट से मंडल को प्रतिवर्ष लगभग 7.5 लाख रुपए का राजस्व प्राप्त होगा. इसमें कोच और स्थान का किराया भी शामिल है. जोधपुर रेल मंडल प्रबंधन लगातार प्रयास कर रहा है कि क्षेत्र में आने वाले बड़े कस्बे और शहरों में इस तरह के रेस्टोरेंट खोले जाएं.
संचालन निजी फर्म करेगी, रेलवे ने दिया सिर्फ कोच: इस थीम आधारित रेस्टोरेंट को निजी कंपनी संचालित करेगी. रेलवे द्वारा केवल कोच उपलब्ध कराया गया है. इंटीरियर, सजावट, खानपान और अन्य व्यवस्थाएं निजी संचालक द्वारा की गई हैं. सीनियर डीसीएम विकास खेड़ा ने बताया कि देश के कई बड़े स्टेशनों पर इस प्रकार के रेस्टोरेंट शुरू किए गए हैं और सकारात्मक परिणाम मिलने के बाद अब इनका दायरा बढ़ाया जा रहा है. उत्तर पश्चिम रेलवे जोन का पहला रेल कोच रेस्टोरेंट बाड़मेर में खोला गया था.




















