बैंक या एनबीएफसी का लोन डिफॉल्ट करने वालों की मुसीबत अब और बढ़ने वाली है.
जिन ग्राहकों ने बैंक लोन डिफॉल्ट किया है, तो संबंधित बैंक उस ग्राहक के मोबाइल नंबर को भी लॉक कर सकेंगे.
यह नियम स्मॉल टिकट वाले लोन पर लागू किया जाएगा.
इसका मकसद बैड लोन को कम करने के साथ ही रिकवरी को बढ़ाना है.
भारत में मोबाइल सहित करीब 33 फीसदी इलेक्ट्रॉनिक सामान फाइनेंस के जरिये खरीदे गए हैं.
1.16 अरब मोबाइल कनेक्शन के साथ ही इस सेग्मेंट में लोन डिफॉल्ट की चिंता भी बढ़ती जा रही है.
1 लाख रुपये से कम कीमत वाले लोन पर डिफॉल्ट सबसे ज्यादा बढ़ रहा है.
गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनियों जैसे बजाज फाइनेंस, डीएफआई फाइनेंस और चोलामंडलम फाइनेंस का कंज्यूमर ड्यूरेबल लोन में 85 फीसदी हिस्सा है. आरबीआई के इस फैसले से इन सभी को फायदा होगा.




















