Responsive Menu

Download App from

Download App

Follow us on

Donate Us

कोटा में अनंत चतुर्दशी का भव्य जुलूस, गणपति विसर्जन के लिए जलाशयों पर उमड़ी भीड़

कोटा: कोटा में अनंत चतुर्दशी के अवसर पर प्रदेश के सबसे बड़े जुलूस का आगाज हुआ. लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने दोपहर बारह बजे सूरजपोल पर साधु संतों के साथ पूजन कर जुलूस को रवाना किया. इसमें हजारों श्रद्धालु शहर के विभिन्न जलाशयों पर गणपति विसर्जन के लिए पहुंचे. इस अवसर पर श्री अनंत चतुर्दशी आयोजन समिति के पदाधिकारी भी मौजूद रहे. यह जुलूस मौखापाड़ा, कैथूनीपोल, सब्जी मंडी, अग्रसेन बाजार, रामपुरा, लाडपुरा होते हुए किशोर सागर तालाब की पाल पर पहुंचेगा. जुलूस 5 किलोमीटर लंबा है और शहर में 12 घंटे तक चलेगा.

विसर्जन के लिए शहर भर में हर घर, गली और मोहल्ले से लोग छोटी-बड़ी गणेश प्रतिमाओं को लेकर निकले हैं. शहर के लगभग सभी जलाशयों पर लोगों की भीड़ लगी. किशोर सागर तालाब की पाल पर ढोल-नगाड़ों और डीजे की धुन पर लोग गणपति की प्रतिमाएं लेकर पहुंचे. यहां आरती उतारने के बाद विसर्जन किया. बड़ी प्रतिमाओं के विसर्जन के लिए क्रेन की व्यवस्था की गई, जबकि छोटी प्रतिमाओं को नावों में रखकर तालाब के बीच में ले जाकर विसर्जित किया गया.

Advertisement Box

सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम: यहां सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए. पुलिस ने किसी भी व्यक्ति को जलाशय के नजदीक जाने से रोका दिया. नगर निगम की गोताखोर टीमों के साथ-साथ सिविल डिफेंस, एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीमें भी जलाशयों पर तैनात हैं. नावों में तैनात कार्मिक श्रद्धालुओं से मूर्तियां लेकर उन्हें विसर्जित करने का काम कर रहे हैं. कोटा में हमेशा की तरह इस बार भी अनंत चतुर्दशी पर भक्तिमय माहौल रहा. श्रद्धालु बड़ी संख्या में बप्पा से अगले साल फिर से आने की प्रार्थना कर रहे हैं.

यातायात का विशेष प्रबंध: गणपति विसर्जन के दौरान यातायात प्रबंधन के विशेष इंतजाम किए गए. शहर में कई जगह पर यातायात रोका गया. वाहनों को डायवर्ट किया गया है, ताकि विसर्जन में किसी तरह की दिक्कत न हो. लोग अपनी कार, ट्रैक्टर, मोटरसाइकिल, ऑटो और लोडिंग वाहनों में गणपति की प्रतिमाएं लेकर आए. एक-एक करके विसर्जन किया.

कोटा की परंपरा को अपनाया: कोटा शहर में कई लोग बाहर से आए हुए हैं, लेकिन यहां आकर वे कोटा के ही होकर रह गए. यहां की परंपराओं को अपना लिया, जिसमें से एक गणपति विसर्जन की परंपरा है. रेलवे कॉलोनी इलाके से अपने परिवार के साथ मूर्ति विसर्जन करने आए शिव शंकर शाह का कहना है कि वे हर साल यहां आयोजन करते हैं. वे मूल रूप से कोटा के नहीं हैं, लेकिन यहां आकर यहां की परंपराओं से जुड़ गए. शुरूआत में उन्होंने यह आयोजन शुरू किया था, तब अकेले ही थे. अब पास-पड़ोस के लोग भी उनके साथ जुड़ गए हैं. इसी प्रकार स्टेशन इलाके की रहने वाली अंशिका का कहना है कि वह लगातार 14 साल से घर पर गणपति स्थापित कर रही हैं. आज धूमधाम से उन्हें विसर्जन के लिए लेकर आई हैं.

यहां हुआ प्रतिमाओं का विसर्जन: कोटा में चंबल नदी के अलावा बालिता, स्टेशन और भीतरिया कुंड के आस-पास के इलाकों में भी गणपति प्रतिमाओं का विसर्जन हो रहा है. इसके अलावा किशोर सागर तालाब, चंबल नदी की दाईं और बाईं नहर तथा उनकी वितरिकाओं में भी विसर्जन किया जा रहा है. नए कोटा में भी लोग भीतरिया कुंड के आसपास विसर्जन के लिए पहुंच रहे हैं. जुलूस के पूजन कार्यक्रम में ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर, विधायक संदीप शर्मा, कल्पना देवी और श्री अनंत चतुर्दशी महोत्सव आयोजन समिति के अध्यक्ष सुमेर सिंह हाड़ा शामिल हुए.

Best Service Providers Near You
भारत-पाकिस्तान के बीच संघर्ष विराम के बाद कांग्रेस ने संसद का विशेष सत्र बुलाने की मांग की है। क्या सरकार को इस पर विचार करना चाहिए?

Aries Rashifal
मेष
taurus Rashifal
वृषभ
gemini Rashifal
मिथुन
cancer Rashifal
कर्क
leo Rashifal
सिंह
virgo Rashifal
कन्या
libra Rashifal
तुला
scorpion Rashifal
वृश्चिक
sagittarius Rashifal
धनु
capricorn Rashifal
मकर
aquarius Rashifal
कुंभ
pisces Rashifal
मीन
Advertisement Box

और भी पढ़ें