Responsive Menu

Download App from

Download App

Follow us on

Donate Us

पूर्व राजस्व मंत्री का आरोप: किसानों के हितों की अनदेखी कर रही भाजपा, मुआवजे को लेकर कही बड़ी बात

भीलवाड़ा: प्रदेश के पूर्व राजस्व मंत्री रामलाल जाट जिले के भगवानपुरा गांव में अतिक्रमण हटाने की मांग को लेकर सोमवार को ग्रामीणों के साथ कलेक्ट्रेट पहुंचे. इस दौरान उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी किसानों के साथ नहीं है. जब तक अतिवृष्टि के बाद किसानों के खेत को इकाई नहीं माना जाएगा, तब तक किसानों को अतिवृष्टि का मुआवजा नहीं मिल पाएगा, जबकि बीमा करते समय बीमा कंपनियां व्यक्तिगत प्रीमियम राशि लेती हैं. प्रदेश में जब कांग्रेस का शासन आएगा, तो हम किसान के खेत को इकाई मानकर मापदंड तय करेंगे, तब किसानों को लाभ मिल पाएगा. ग्रामीणों ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर ग्राम पंचायत क्षेत्र में अतिक्रमण हटाने के लिए पंचायत को प्रशासनिक व पुलिस की सहायता उपलब्ध करवाने की मांग की है. उन्होंने आरोप लगाया कि उपखंड स्तर के अधिकारी इस मामले को लेकर गंभीर नहीं हैं.

पूर्व मंत्री जाट ने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी के राज में पंचायत राज व ग्रामीण अंचल पर बिल्कुल ध्यान नहीं दिया जा रहा है. उसी की बदौलत मांडल विधानसभा क्षेत्र के भगवानपुरा ग्राम पंचायत मुख्यालय पर न्यायालय व जिला कलेक्टर के आदेश के बाद लोकल प्रशासन ग्राम पंचायत की मदद नहीं कर रहा है. कुछ अतिक्रमियों ने गरीबों के हक में दी जाने वाली बेसहारा जमीन पर कब्जा जमा लिया. इस बारे सोमवार को हमने ज्ञापन सौंपा है. अतिक्रमण हटाने को लेकर तत्काल पुलिस बल उपलब्ध कराया जाए, नहीं तो ग्रामीण कलेक्टर व एसडीएम कार्यालय के बाहर धरना देंगे.

Advertisement Box

हर खेत के खराबे का मिले मुआवजा: जाट ने वर्तमान में प्रदेश में हुई अतिवृष्टि से फसलों के खराबे के बाद मुआवजे की प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि कांग्रेस शासन में डिजिटल गिरदावरी के लिए भीलवाड़ा के तत्कालीन कलेक्टर सहित तीन सदस्यीय कमेटी को महाराष्ट्र भेजा था. अब वह प्रक्रिया अपनाई जा रही है. कुछ जगह किसान गिरदावरी स्वयं कर रहे हैं. इस साल प्रदेश भर में बारिश अत्यधिक हुई है, किसानों की फसलें तबाह हो चुकी हैं, लेकिन बीमा कंपनियों के मुआवजा देने की प्रक्रिया में खामी है. बीमा कंपनियां जब तक पूरी ग्राम पंचायत या पूरे राजस्व क्षेत्र में खराबा नहीं होगा, तब तक वह खराबा नहीं मानती और किसानों को सही मुआवजा नहीं मिल पाता. जब तक हर खेत को एक पृथक इकाई मानकर खराबा नहीं माना जाएगा, तब तक किसानों को पूरी तरह से मुआवजा नहीं मिलेगा. इसमें संशोधन का काम भारत सरकार का है. किसान जागरुक होकर गिरदावरी कर खराबा बताएंगे, तो ही किसानों को फायदा मिल पाएगा.

भारत सरकार किसान हितैषी नहीं: उन्होंने कहा कि बीमा करवाते समय बीमा कंपनियां किसान से इंडिविजुअल (व्यक्तिगत) प्रीमियम की राशि लेती हैं, लेकिन किसानों को मुआवजा इंडिविजुअल यानी व्यक्तिगत नहीं मिल पाता है. यह भारत सरकार का मामला है, लेकिन मुझे तो भारत सरकार से उम्मीद नहीं है. देश के किसानों ने पंजाब, हरियाणा सहित कई जगह प्रदर्शन किए. भूमि अधिग्रहण बिल को लेकर ‘मैंने भी 46 दिन तक धरना दिया था, लेकिन भाजपा किसानों के हित में बिल्कुल नहीं है, इसलिए भारत सरकार से उम्मीद नहीं की जा सकती. अब जब भी कांग्रेस का शासन प्रदेश में आएगा, तो हम खेत को इकाई को मानेंगे, तभी जाकर किसानों को मुआवजा मिल पाएगा. अभी हमारा संघर्ष जारी है’.

Best Service Providers Near You
कांग्रेस नेता राहुल गाँधी के वोट की चोरी आरोप पर आपकी क्या राय हैं

Aries Rashifal
मेष
taurus Rashifal
वृषभ
gemini Rashifal
मिथुन
cancer Rashifal
कर्क
leo Rashifal
सिंह
virgo Rashifal
कन्या
libra Rashifal
तुला
scorpion Rashifal
वृश्चिक
sagittarius Rashifal
धनु
capricorn Rashifal
मकर
aquarius Rashifal
कुंभ
pisces Rashifal
मीन
Advertisement Box

और भी पढ़ें