झालावाड़ : जिले में किसानों ने अपने विभिन्न मुद्दों को लेकर मिनी सचिवालय में महापड़ाव जारी रखा है. किसानों ने खुले आसमान के नीचे रात बिताई, जबकि प्रशासन के अधिकारियों से राज्य और केंद्र स्तर पर उनके मुद्दों पर कोई आश्वासन नहीं मिला. सोमवार रात को यहां किसानों ने खुले आसमान के नीचे रात गुजारी. हालांकि देर शाम डीएम सहित प्रशासन के अधिकारियों से किसान नेताओं ने उनकी मांगों को लेकर चर्चा की लेकिन राज्य तथा केंद्र स्तर के मामलों में किसी प्रकार का आश्वासन किसान नेताओं को नहीं मिल पाया. जिसके बाद किसानों ने महापड़ाव जारी रखने की बात कही.
किसानों की प्रमुख मांगें: किसानों ने कई मुद्दों पर प्रशासन से चर्चा की, जिनमें बिजली के निजीकरण, कृषि क्षेत्र में जीएसटी का समाप्ति, लाभकारी मूल्य, किसान कल्याण कोष और सहकारी समितियों की गड़बड़ियों की जांच शामिल थीं. इसके अलावा, किसानों ने कृषि उपकरणों की उपलब्धता, खाद-बीज की पर्याप्त व्यवस्था, अवैध वसूली और मंडियों में सुरक्षा गार्ड व सीसीटीवी कैमरे लगाने की भी मांग की. जिलाधिकारी अजय सिंह राठौड़ ने किसान प्रतिनिधिमंडल को स्थानीय स्तर पर समस्याओं को हल करने का आश्वासन दिया, लेकिन राज्य और केंद्र स्तर के मुद्दों पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया. डीएम कक्षा में वार्ता करने पहुंचे 4 सदस्यीय प्रतिनिधि मंडल में भारतीय किसान संघ के प्रदेश महामंत्री तुलसाराम, प्रांत महामंत्री अंबालाल, प्रदेश मंत्री रघुनाथ सिंह, संभाग अध्यक्ष गिरिराज चौधरी शामिल रहे.
रात को सड़क पर लगाई पंगत,लिया दाल बाटी खाने का मजा : बातचीत विफल होने के बाद किसानों ने मिनी सचिवालय के बाहर सड़क पर पंगत लगाई और दाल बाटी का लुत्फ लिया. इसके साथ ही, किसानों ने भजन कीर्तन भी किए और ढोल मंजीरे की धुन पर डांस करते हुए विरोध जताया. मिनी सचिवालय के सामने से गुजर रहे सिटी फोरलेन पर किसान दोना पत्तल लगाकर दाल बाटी खाने का मजा लेने लगे. यहां खुले आसमान के नीचे किसानों ने रात गुजारी.




















