जोधपुर : लोक देवता बाबा रामदेव के प्राकट्य दिवस (भाद्रपद शुक्ल द्वितीया) 25 अगस्त से जैसलमेर जिले के रूणीचा और जोधपुर के मसूरिया में बाबा रामदेव के गुरु बालीनाथ समाधि मंदिर में 23 अगस्त से आरंभ हो रहे हैं. अंतरराज्यीय मेले को लेकर अभी से ही जातरुओं की आस्था हिलोरे मार रही है. इस मेले को मारवाड़ का कुंभ कहा जाता है. गर्मी व तपिश के बीच पैर में छाले, शरीर से टपकती पसीने की बूंदे, कंधे पर बैग और हाथ में ध्वजा लिए जातरुओं के मुख से सिर्फ बाबा के जयकारे ही निकलते हैं. इस बीच शहर में आने वाले इन श्रद्धालुओं की सेवा के लिए भी शहर वासियों ने पलक पांवड़े बिछा दिए हैं.
शहर में प्रवेश से लेकर रामदेवरा जाने वाले सभी मार्ग पर जगह-जगह जातरुओं के लिए सेवा शिविर और भंडारे खुल चुके हैं. अनुमान के मुताबिक प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु जोधपुर आ रहे हैं. इनमें गुजरात से लेकर एमपी, यूपी सहित राजस्थान के उदयपुर, मारवाड़ जंक्शन, भीनमाल, सिरोही-जालोर से बड़ी संख्या में पैदल और निजी वाहनों से जातरू पहुंच रहे हैं. पिछले 3 से 4 दिनों से प्रतिदिन 25 से 30 हजार जातरू दर्शन कर रहे हैं. 25 अगस्त को बाबा की बीज पर मेले की शुरुआत होगी और 2 सितंबर को बाबा की दशमी मनाई जाएगी. इन दो दिनों में लाखों जातरू दर्शन करने पहुंचेंगे.
मसूरिया में मंदिर में सुरक्षा के लिए इंतजाम : लोकदेवता बाबा रामदेव के गुरु बालीनाथ के समाधि स्थल मसूरिया मंदिर परिसर में 23 अगस्त से आयोजित होने वाले मेले की तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी हैं. मंदिर का संचालन करने वाले पीपा क्षत्रिय समस्त न्याति सभा ट्रस्ट के अध्यक्ष नरेंद्र चौहान ने बताया कि मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए परचानाडी, निजमंदिर, प्रवेश द्वार सहित सम्पूर्ण परिसर में अलग-अलग जगहों पर कुल 56 क्लोज सर्किट टीवी कैमरे लगाए जा चुके हैं. परचानाडी को पूरी तरह खाली करने के बाद सोमवार को स्वच्छ जल से भर दिया गया है. मंदिर में आकर्षक रोशनी की गई है.
आवश्यक व्यवस्थाओं के कलेक्टर ने दिए निर्देश : जिला कलेक्टर गौरव अग्रवाल ने मंदिर परिसर का दौरा कर बाबा रामदेव मेले के संबंध में चिकित्सा, विद्युत, जल, सफाई एवं रोशनी, फायर ब्रिगेड़, जातरुओं के स्नान की व्यवस्था के निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि जातरुओं को किसी प्रकार की परेशानी नहीं हो. 23 अगस्त से होने वाले मेले को लेकर सभी विभागों को आवश्यक निर्देश दे दिए गए हैं. यहां 24 घंटे अधिकारी मॉनिटरिंग करेंगे.
10 साल से पैदल आ रहे भैराराम : प्रतापगढ़ जिले के निवासी भेरूलाल मीणा का गांव एमपी के मंदसौर के नजदीक है. वो 10 साल से लगातार हर वर्ष परिवार के साथ रामदेवरा जा रहे हैं. उनका लक्ष्य है कि 25 अगस्त तक रामदेवरा पहुंचना, जिससे मुख्य मेले में दर्शन हो सकें. वह बताते हैं कि परिवार के साथ-साथ हुए देश और राज्य के हित में कामना करने के लिए आते हैं. सादड़ी से रामदेवरा जा रहे रोशन नाथ ने बताया कि 17 को रवाना हुए थे, कुछ दिन अभी और लगेंगे.
भंडारा में सभी सुविधाएं दी जा रहीं : बाबा रामदेव के श्रद्धालुओं के लिए शहर में जगह-जगह पर भंडारे लगाए गए हैं, जहां पर उनके लिए सभी तरह की सुविधा दी जा रही है. इन भंडारों में पांव के मालिश, दवाइयां, पीने के लिए जूस, भोजन, नाश्ता उपलब्ध है. वाहनों पर रिफ्लेक्टर लगाए जा रहे हैं, जिससे रात को सड़क पर हादसे नहीं हों. उड़ान फाउंडेशन के अध्यक्ष वरुण धानदिया ने बताया कि प्रतिदिन तीन से चार हजार लोगों को नाश्ता और भोजन करवाया जा रहा है. इसमें पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए डिस्पोजल की जगह स्टील के बर्तन काम में लिए जा रहे हैं.




















