जयपुर: विश्व प्रसिद्ध आमेर महल में बंद पड़ी हाथी सवारी फिर से शुरू हो गई है. हाथी सवारी शुरू होने से हाथी पालको और पर्यटकों में खुशी की लहर है. हाथी सवारी की नई दरें 1500 रुपए से बढ़ाकर 2500 रुपए कर दी गई है. तेज बारिश के कारण पिछले 23 अगस्त को आमेर महल जाने वाले रास्ते में रामबाग की दीवार गिरने के कारण हाथी सवारी का संचालन बंद कर दिया गया था. बुधवार से पुरातत्व विभाग के निदेशक डॉ पंकज धरेंद्र ने फिर से हाथी सवारी शुरू करने के आदेश जारी किए.
पुरातत्व विभाग के निदेशक डॉ पंकज धरेंद्र के मुताबिक हाथी स्टैंड से आमेर महल के जलेब चौक जाने वाले रास्ते में 23 अगस्त को तेज बारिश के कारण रामबाग की दीवार गिर गई थी. रास्ता अवरुद्ध होने के कारण पर्यटकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए हाथी सवारी को बंद कर दिया गया था. पर्यटकों की मांग को देखते हुए रास्ता सही होने के बाद आज बुधवार से हाथी सवारी का संचालन वापस शुरू कर दिया गया है. हाथी सवारी की दरें 2500 रुपये प्रति सवारी कर दी गई हैं.
हाथी पालकों का कहना है कि हाथी सवारी बंद होने से हाथी पालकों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया था. पहले प्रति हाथी सवारी 1500 रुपए थे, जिसमें हाथियों का पालन-पोषण भी काफी मुश्किल होता था. एक हाथी पर प्रतिदिन करीब 4000 रुपए का खर्च होता है. ऐसे में पुरातत्व विभाग और सरकार से हाथी सवारी की दरों में बढ़ोतरी की मांग की गई थी. इसके बाद आज बुधवार से हाथी सवारी की दरो में बढ़ोतरी करते हुए 1500 रुपये से बढ़ाकर 2500 रुपये प्रति सवारी किए गए हैं. अब हाथियों के रखरखाव और देखभाल में काफी सहारा मिलेगा.
टूरिस्ट गाइडों का कहना है कि आमेर महल में हाथी सवारी का संचालन वापस शुरू होने से देशी-विदेशी पर्यटक हाथी सवारी का लुत्फ उठा रहे हैं. बता दें कि पिछले 23 अगस्त को लगातार हो रही बारिश के कारण प्राचीन आमेर किले की दीवार भरभरा कर गिर गई थी। आमेर महल में रामबाग के पास प्राचीन दीवार का बड़ा हिस्सा गिरने से दो मोटरसाइकिल मलबे में दब कर क्षतिग्रस्त हो गई थी. जिस सड़क पर पर्यटकों की कार खड़ी थी, वह भी हवा में लटक गई थी. हादसे में किसी प्रकार की कोई जनहानि नहीं हुई.




















