जयपुर. राजस्थान में प्रवर्तन निदेशालय (ED) के निशाने पर आए Debock कंपनी के मालिक मुकेश कुमार को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है. मुकेश कुमार साल 2019 में टोंक सवाई माधोपुर सीट से लोकसभा का चुनाव लड़ चुके हैं. यह चुनाव उन्होंने शिव सेना के टिकट लड़ा था. लेकिन वे इस चुनाव में अपनी जमानत भी नहीं बचा पाए और महज 4600 वोटों में ही सिमटकर रह गए थे. मुकेश कुमार चुनाव में प्रचार के लिए बॉलीवुड सेलिब्रेटी राखी सांवत को लेकर आए थे. उनके यहां छोटे रोड शो करवाए गए थे. ईडी अधिकारियों का अनुमान है कि मुकेश कुमार संभवतया अपने फर्जीवाड़े को राजनीति के जरिए दबाने का प्रयास करने की प्लानिंग में थे. लेकिन ऐसा हुआ नहीं.
टाइम्स ऑफ इंडिया में प्रकाशित खबर के अनुसार डेबॉक कंपनी के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक मुकेश कुमार ने राजनीति के क्षेत्र में मुकेश मनवीर सिंह के नाम से कदम रखा था. मुकेश कुमार ने बदले नाम के साथ राजनीति में क्यों कदम रखा इसका अभी तक खुलासा नहीं हो पाया है. लेकिन सूत्रों के मुताबिक वे संभतया में किसी और मकसद को लेकर राजनीति में आए थे. लेकिन उनका राजनीतिक सफर शुरू होते ही दम तोड़ गया. मुकेश कुमार को उस चुनाव में महज करीब 4600 वोट मिले थे.
अभी तक 78 लाख रुपये और चार लग्जरी कारें जब्त की गई हैं
ईडी ने कपंनी में वित्तीय नियमितता की शिकायत पर को उनके राजधानी जयपुर समेत कई ठिकानों पर छापमारी की थी. मुकेश कुमार के पास लग्जरी कारों का काफिला मिला है. ईडी अधिकारियों के मुताबिक वह फिलहाल 100 करोड़ की गड़बड़ी की मामले की जांच कर रही है. जांच में कुछ और भी चीजें सामने आई हैं. मुकेश कुमार के ठिकानों से अभी तक 78 लाख रुपये और चार लग्जरी कारें जब्त की गई हैं.
वित्तीय अनियमितताएं कैसी गई इसका खुलासा होना बाकी है
कंपनी में ये वित्तीय अनियमितताएं कैसी गई इसका खुलासा होना बाकी है. इस कंपनी का शेयर बीते दिनों तेजी से ऊपर उठा है. कंपनी का शेयर महज 6 महीने में 8 रुपये 153 रुपये पहुंच गया था. यह बड़ा हैरान कर देने वाला है. जांच पड़ताल में स्टॉक एक्सचेंज में लिस्टेड कंपनियों में फर्जीवाड़ा किए जाने से जुड़े कई तथ्य सामने आए हैं. ईडी ने मुकेश कुमार के जयपुर में वैशाली स्थित ठिकानों के अलावा उनके टोंक और देवली के ठिकानों पर भी सर्च ऑपरेशन चलाया था. बहरहाल जांच जारी है.




















