बूंदी: कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने भाजपा सरकार पर जुबानी हमला बोला है. एक निजी होटल में आयोजित पत्रकार वार्ता में डोटासरा ने आरोप लगाया कि प्रदेश के मंत्री और संतरी अवैध बजरी के कारोबार में व्यस्त हैं, जनता त्रस्त है लेकिन जवाब देने वाला कोई नहीं.
अवैध बजरी कारोबार पर निशाना: डोटासरा ने सबसे पहले राज्य में फलते-फूलते अवैध बजरी कारोबार को लेकर सरकार पर करारा हमला बोला. उन्होंने कहा कि सरकार के जिम्मेदार लोग इस गोरखधंधे में शामिल हैं और आम जनता को इसका खामियाजा भुगतना पड़ रहा है. कानून-व्यवस्था का हाल यह है कि पीड़ित लोगों की कोई सुनने वाला नहीं है. सरकार जवाबदेही से भाग रही है.
सरकार में दो गुट: डोटासरा ने दावा किया कि भाजपा सरकार दो खेमों में बंट चुकी है. उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि सुबह मंत्री किरोड़ी लाल मीणा कुछ कहते हैं और शाम को मुख्यमंत्री उसका उलटा बयान दे देते हैं. ऐसे में सरकार का कोई फैसला स्थायी नहीं रहता. इससे जनता में अविश्वास और निराशा गहराती जा रही है. उन्होंने एएसआई भर्ती में अनिर्णय के कारण एक चयनित ट्रेनी अधिकारी की आत्महत्या का उदाहरण देते हुए कहा कि सरकार की नीतिगत असफलता ने नौजवानों का भविष्य अंधकार में धकेल दिया है. इस अनिश्चितता ने युवा पीढ़ी को मानसिक तनाव की ओर धकेल दिया है.
कानून-व्यवस्था पर सवाल: उन्होंने गृह मंत्री पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि जिस इलाके से राज्य के गृह मंत्री आते हैं, वहीं अराजकता, लाठी-भाटा, मारपीट और तलवारबाजी आम हो गई है. पुलिस खुद बदमाशों से बचकर भाग रही है. उन्होंने कहा कि विपक्ष जब जनता की आवाज उठाता है, तब उनकी जासूसी की जाती है. नेता प्रतिपक्ष को बोलने नहीं दिया जाता, और जब हम सवाल पूछते हैं तो मंत्री अनर्गल टिप्पणियां और गालियां देते हैं. इसी मुद्दे पर नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कहा कि विधानसभा में 18 लाख रुपए खर्च कर पीडीजेड कैमरे लगवाए गए हैं और इनका इस्तेमाल विपक्ष की जासूसी करने के लिए किया जा रहा है. यह लोकतंत्र का सबसे बड़ा अपमान है.
ईडी, सीबीआई और इनकम टैक्स से डराने का आरोप: डोटासरा ने कहा कि रोजाना समीक्षा बैठकों की झड़ी लगाकर सरकार ने अधिकारियों का जीना दूभर कर दिया है. हालत यह है कि अधिकारी कहते हैं कि बैठक में जाने से पहले सिरदर्द की गोली लेनी पड़ती है. डोटासरा ने कहा कि केंद्र और राज्य की भाजपा सरकारें विपक्षी नेताओं को डराने के लिए ईडी, सीबीआई और इनकम टैक्स का दुरुपयोग कर रही हैं. उन्होंने कहा कि हाल यह है कि किसी भी नेता ने सरकार के खिलाफ आवाज उठाई, तो पुलिस उसे पकड़कर ले जाती है. यह लोकतंत्र का गला घोंटने जैसा है.
दिलावर पर करारा पलटवार: जब उनसे पूछा गया कि शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने उन्हें सरगना कहा है, तो डोटासरा ने तंज कसते हुए कहा कि मैं ऐसा कुछ कहकर अपना अपना मुंह गंदा नहीं कर सकता. दुर्भाग्य है इस प्रदेश का कि इस सोच का व्यक्ति शिक्षा मंत्री बना हुआ है. शायद यही आरएसएस की ट्रेनिंग रही होगी. डोटासरा ने कहा कि जनता परेशान है और उनकी आवाज उठाना हमारा धर्म और फर्ज है. पत्रकार वार्ता में बूंदी विधायक हरिमोहन शर्मा, केशवराय पाटन विधायक सीएल प्रेमी, जिला प्रभारी प्रतिष्ठा यादव, महिला कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष रखी गौतम, कांग्रेस नेता सत्येश शर्मा सहित कई नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे.




















