जोधपुर: राजस्थान पुलिस के महानिदेशक राजीव शर्मा का कहना है कि राजस्थान पुलिस संगठित अपराध, ड्रग्स की तस्करी और साइबर क्राइम के विरुद्ध कठोर कदम उठा रही है. महिला सुरक्षा हमारी प्राथमिकता में है. उन्होंने थानों में दर्ज होने वाले झूठे मुकदमों को काफी गंभीर बताया. ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने की भी बात कही.
जोधपुर में बुधवार को पुलिस अधिकारियों की बैठक लेने आए महानिदेशक राजीव शर्मा ने मारवाड़ इंटरनेशनल सेंटर में प्रेस वार्ता में महिला सुरक्षा को लेकर कहा कि जयपुर में हमने एक अभियान भी शुरू किया है. सशक्त नारी जिम्मेदारी हमारी. महिला सुरक्षा हमारी प्राथमिकता में है. मैं चाहूंगा कि जोधपुर पुलिस भी ऐसे स्थान का सर्वे करेगी, जहां महिलाएं अपने आप को असुरक्षित महसूस करती हैं, उनको चिन्हित करें. इसके अलावा पब्लिक ट्रांसपोर्ट में भी इस तरह की परेशानी है तो उसे पर भी ध्यान दिया जाएगा और जहां भी कमी मिलेगी, उसमे सुधार किया जाएगा. महिलाओं और बच्चियों को असुरक्षा का भाव नहीं आए.
चालान पर फोकस नहीं रहे, कार्रवाई जरूर हो : ट्रैफिक पुलिस कर्मियों द्वारा ट्रैफिक व्यवस्था बनाने के बजाय चालान काटने पर ध्यान दिए जाने के सवाल पर महानिदेशक ने कहा कि चालान पर फोकस नहीं होना चाहिए, लेकिन कोई अगर नियमों की पालना नहीं कर रहा है तो कार्रवाई जरूर होनी चाहिए. इसके लिए सीसीटीवी कैमरे का इस्तेमाल करें. कार्रवाई हो, जिससे सही संदेश जाए. उन्होंने कहा कि अभी भी ऐसे कई लोग मौजूद हैं जो यातायात नियम तोड़ने से खुश होते हैं. ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए. शहर में ट्रैफिक जाम के प्वाइंट पर ध्यान दिया जाएगा.
झूठे मुकदमे दर्ज करवाने वालों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश : थानों में पॉक्सो महिला अपराध से जुड़े कई मामले झूठ साबित होने के सवाल पर डीजीपी ने कहा कि झूठे मामले बहुत गंभीर समस्या है. हाल की हमारी बैठक में यह बात सामने भी आई है. झूठे मुकदमों से पुलिस का समय खराब होता है. दूसरे मुकदमों पर काम नहीं हो पाता है. ऐसे मुकदमों से अनावश्यक कई श्रेणियों के मामले बढ़ जाते हैं. उन्होंने कहा कि हमारे थानों में निर्देश है कि हर व्यक्ति की शिकायत दर्ज की जाए. इसके आड़ में अगर कोई व्यक्ति अपने हित साधने के लिए करता है तो ऐसे लोगों के खिलाफ न सिर्फ कार्रवाई की जाए, बल्कि उन्हें बताया जाए कि उनकी वजह से पुलिस का कितना समय बर्बाद हुआ है.
पुलिसकर्मियों को अवकाश मिले, अधिकारियों को निर्देश : पुलिसकर्मियों के मानसिक स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए साप्ताहिक अवकाश की व्यवस्था को लेकर पूछे गए सवाल पर शर्मा ने कहा कि सभी अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि किसी का भी अवकाश नहीं रोकें. थाना और सर्किल स्तर के अधिकारी यह तय करेंगे. साप्ताहिक आराम पर शर्मा ने कहा कि हमारा काम कुछ इस तरह का है कि कभी भी कुछ करना पड़ सकता है. ऐसे में निश्चित नहीं किया जा सकता, लेकिन थानाधिकारी यह सुनिश्चित करें कि पुलिसकर्मियों को नियमित अवकाश मिलता रहे.
AI का उपयोग : पुलिस में अत्याधुनिक संसाधनों के सवाल पर महानिदेशक कहा कि पुलिस एआई तकनीक का सहारा ले रही है, जिससे अपराध पर नियंत्रण और अपराधियों को पकड़ा जा सके. ट्रैफिक मैनेजमेंट में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग किया जा रहा है. अपराधियों को पकड़ने के लिए डाटा मैचिंग पर भी काम हो रहा है.
सभी थानों में सीसीटीवी की पालना हो रही है : थानों में सीसीटीवी के सवाल पर कहा कि राजस्थान में सभी थानों में सीसीटीवी कैमरा लगाने के लिए निर्देश दिए गए हैं. ज्यादातर जगह लग गए हैं. लगाने के साथ-साथ यह कैमरे काम में आए चालू रहे, इसके लिए भी निर्देशित किया गया है. हालांकि, कितने थानों में कैमरे लग चुके हैं, इस पर उन्होंने कहा कि यह आंकड़े अभी मेरे पास नहीं हैं, लेकिन सब जगह पालना हो रही है.
थानों में मिनिस्ट्रियल स्टाफ स्ट्रक्चर पर चर्चा : थानों में कांस्टेबल द्वारा ही चपरासी का काम करने के सवाल पर डीजीपी ने कहा कि थानों के मैनपावर स्ट्रक्चर में क्या परिवर्तन हो सकता है, इस पर आज ही बात हुई है. मंत्रालय कर्मचारी सिर्फ एसपी ऑफिस में होता है. जबकि थानों में भी उनकी आवश्यकता होती है. इस विषय पर अगले स्तर पर चर्चा कर इसे आगे बढ़ाया जाएगा, जिससे संचालन आसान हो.
हर जिले में दो-दो एफएसएल टीम की कवायद : उन्होंने बताया कि नए अपराधी कानून में फॉरेंसिक टीम के काम में बढ़ोतरी हुई है. इसके लिए एफएसएल का इंफ्रास्ट्रक्चर सरकार द्वारा बढ़ाया जा रहा है. यह प्रस्तावित है कि प्रत्येक जिले में दो फॉरेंसिक मोबाइल वैन उपलब्ध रहनी चाहिए. इसके अलावा मैनपावर भी स्वीकृत हो चुकी है.
अगले कुछ महीनों में प्रत्येक जिले में एक-एक मोबाइल एफएसएल टीम पहुंच जाए. डीजीपी ने बताया कि इसके लिए कई जगह पर संविदा पर भी स्टाफ रखा जा रहा है. मुख्य सचिव और मुख्यमंत्री स्तर पर लगातार इसकी मॉनिटरिंग हो रही है. यह प्रयास किया जा रहा है कि एफएसएल की टीम पुलिस के जांच में महत्वपूर्ण सहयोगी ग्रुप में काम करे.




















