जयपुर: भर्ती परीक्षाओं में धांधली के मामलों की जांच कर रही एसओजी ने अब राजस्थान हाईकोर्ट की भर्ती परीक्षा में ब्लूटूथ से नकल करने के मामले में दो लिपिकों को गिरफ्तार किया है. दोनों ने साल 2023 में हुई भर्ती में ब्लूटूथ से नकल कर लिखित परीक्षा पास की थी. दोनों लंबे समय से फरार चल रहे थे. पड़ताल में दोनों आरोपियों का ब्लूटूथ से नकल करवाने वाली पौरव कालेर गैंग के जरिए नकल करने की बात भी सामने आई है. अब एसओजी पूछताछ और मामले की जांच में जुटी है. एसओजी-एटीएस के एडीजी वीके सिंह ने बताया कि राजस्थान हाईकोर्ट की लिपिक भर्ती परीक्षा में ब्लूटूथ से नकल करने के आरोप में रावतसर (हनुमानगढ़) निवासी सुनील विश्नोई और निम्बड़ी चांदावता (नागौर) निवासी रामप्रकाश जाट को गिरफ्तार किया गया है.
चार लाख में सौदा, छह महीने से चल रहा फरार : उन्होंने बताया कि कनिष्ठ न्यायिक सहायक और लिपिक ग्रेड-2 भर्ती-2022 की लिखित परीक्षा 12 मार्च 2023 और 19 मार्च 2023 को हुई थी. सुनील विश्नोई ने 12 मार्च 2023 को नेहरू मेमोरियल चिल्ड्रन सीनियर सैकंडरी (हनुमानगढ़) में परीक्षा दी थी. उसे संगठित नकल गिरोह के मुख्य सरगना पौरव कालेर ने ब्लूटूथ डिवाइस के जरिए सवालों के जवाब बताए थे. दोनों के बीच चार लाख रुपए में सौदा हुआ था. परीक्षा पास करने के बाद वह जिला एवं सेशन कोर्ट, हनुमानगढ़ में कार्यरत था. वह पिछले छह महीने से फरार चल रहा था.
ईओ-आरओ भर्ती में भी हुआ गिरफ्तार : उन्होंने बताया कि रामप्रकाश जाट ने 19 मार्च 2023 को विजय जैन सूरी जैन विद्यापीठ सीनियर सैकंडरी स्कूल में परीक्षा दी थी. नकल गैंग के मुख्य सरगना पौरव कालेर ने उसे ब्लूटूथ डिवाइस के जरिए सवालों के जवाब बताए थे. नकल के बदले उसने भी पौरव कालेर से चार लाख रुपए में सौदा किया था. परीक्षा पास कर भर्ती में चयनित होने के बाद वह पॉक्सो कोर्ट संख्या-1, उदयपुर में कार्यरत था और पिछले सात महीने से फरार चल रहा था. वह ईओ-आरओ भर्ती-2022 में भी ब्लूटूथ से नकल करने के आरोप में गिरफ्तार हुआ था.




















