उदयपुर: मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय की कुलपति के बयान को लेकर विवाद और गहरा हो गया है. जनजाति मंत्री बाबूलाल खराड़ी ने इस बयान पर कहा कि कुलपति का बयान माओवादियों से प्रभावित लगता है. इस तरह का आचरण करने वाले कुलपति को बर्खास्त कर देना चाहिए. खराड़ी उदयपुर टाउनहॉल में आयोजित नेशनल ट्राइबल फूड फेस्टिवल में पहुंचे थे. इस दौरान मीडिया से बातचीत में उन्होंने कुलपति की विचारधारा पर सवाल उठाए.
विश्वविद्यालय में हुए हंगामे पर प्रतिक्रिया देते हुए जनजाति मंत्री बाबूलाल खराड़ी ने कहा कि कुलपति खुद को इतिहास की जानकार समझती हैं, लेकिन उन्हें इतिहास पढ़ना चाहिए. उन्होंने सवाल उठाया कि अगर औरंगजेब सबसे अच्छा प्रशासक था, तो क्या उन्हें यह नहीं पता कि वह अपने शासन में क्या कर रहा था. अगर आपको अच्छा प्रशासक देखना है तो मेवाड़ के राणा सांगा को देखिए. उनके पास केवल ढाई अक्षर थे, लेकिन उन्होंने मेवाड़ में सबसे अच्छा शासन दिया.
यह माओवादी सोच: मंत्री खराड़ी ने सवाल किया कि ऐसी टिप्पणी करके कुलपति आखिर किससे प्रभावित हैं? उन्होंने कहा कि कहीं न कहीं उनकी सोच माओवादियों से प्रभावित है. खराड़ी ने कहा कि हमारे पूर्वजों का इतिहास पढ़ा और समझा जाना चाहिए. उन्होंने यह भी जोड़ा कि उदयपुर के लोग इस बयान से बेहद नाराज हैं. उन्होंने नाराज छात्रों से कानून अपने हाथ में न लेने की अपील की है. मंत्री ने कहा कि सरकार को बताया जाएगा कि कुलपति का यह आचरण अनुचित है. उन्होंने कहा कि हम इतिहास पढ़ते हैं, हमें आपत्ति नहीं है. लेकिन यदि कुलपति को लगता है कि वे सही हैं, तो बहस के लिए सामने आएं और इसे साबित करें, तभी हम इसे स्वीकार करेंगे.




















