बूंदी : कजली तीज महोत्सव की रंगीन छटा उस वक्त अपने चरम पर थी, जब शौर्य और शृंगार की प्रतीक तीज माता की भव्य शोभायात्रा शाही अंदाज में नगर भ्रमण के लिए निकली. नगर परिषद सभापति सरोज अग्रवाल ने विशेष पूजा-अर्चना कर सवारी का शुभारंभ किया. रामप्रकाश टॉकीज से रवाना हुई यह सवारी शहर के प्रमुख मार्गों से होती हुई मेला स्थल कुंभा स्टेडियम पहुंची, जहां हजारों की भीड़ ने तीज माता का अभिनंदन किया. कजली तीज की यह शाही सवारी परंपरा और आस्था का ऐसा संगम बनी, जिसे देखने वाले देर तक मंत्रमुग्ध रहे. पूरे शहर में उत्सव का माहौल रहा और रात तक मेला स्थल पर रौनक बनी रही. बाद में पूर्व विधायक अशोक डोगरा ने तीज माता की आरती उतार कर 15 दिवसीय ऐतिहासिक मेले का शुभारंभ किया. इस अवसर पर तालेड़ा प्रधान राजेश रायपुरिया सहित अन्य अतिथि मौजूद थे.
सवारी में उमड़ा जनसैलाब : महिला व पुरुष पार्षद पारंपरिक परिधान में आकर्षण का केंद्र बने रहे. शहरवासियों सहित ग्रामीण क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में लोग तीज की सवारी देखने पहुंचे थे. तीज माता के दर्शन को लेकर जगह-जगह लोगों की भारी भीड़ लगी हुई थी. सवारी में डीजे के साथ ढोल-नगाड़ों और बैंड की धुन पर युवा थिरकते चल रहे थे. तीज माता की सवारी का स्वरूप कुछ ऐसा था कि सबसे आगे हाथी और ध्वज लेकर चलता घुड़सवार चल रहे थे. उसके पीछे लोकगीतों पर नृत्य करते कलाकार शोभायात्रा को भव्यता प्रदान कर रहे थे.
शोभायात्रा के मुख्य आकर्षण : तीज माता की सवारी के दौरान बैंड एवं लोकनृत्य, पंजाब व मश्क बैंड, रामापीर कच्ची घोड़ी, कालबेलिया नृत्यांगनाएं, चांचौड़ा, घूमर चकरी नृत्यांगनाएं, शिव अघोरी व हाथी पूरे समय आकर्षण का केंद्र बने रहे. शोभायात्रा में पूरे मार्ग भर में आतिशबाजी के नजारे आसमान में रंग भरते नजर आए. इसके अलावा सवारी में पौराणिक झांकियां, जिसमें भगवान राम, राधे कृष्णा मोर पंख, श्याम भगवान, काली माता विराट रूप (28 मुख), हिरण्यकश्यप व नरसिंह भगवान युद्ध, श्रीनाथजी, विष्णु-लक्ष्मी जैसी एक से बढ़कर एक झाकियां शामिल थी. सवारी में महिला पार्षद माला भूटानी, रामरेश, मोनिका शेरगढ़िया, दिलबर बाई, संध्या रावल, शांति सोनी, आकांशा कराड, ममता शर्मा, पार्षद रमेश सिंह हाड़ा, महावीर मीणा, देवराज गोचर, मनीष सिसोदिया, संदीप यादव, प्रेम प्रकाश एवरग्रीन, करण शंकर, लोकेश दाधीच, आयुक्त धर्मेंद्र कुमार मीणा, भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष सुरेश अग्रवाल, संचित अग्रवाल सहित नगर परिषद के पार्षद व अन्य जनप्रतिनिधि शामिल थे.
मेले हमारी सांस्कृतिक धरोहर : 15 दिवसीय ऐतिहासिक कजली तीज महोत्सव मेले का देर रात कुम्भा स्टेडियम पर पूर्व विधायक अशोक डोगरा ने तीज माता की विधिवत पूजा अर्चना कर फीता काटकर शुभारंभ किया. इस दौरान तालेड़ा प्रधान राजेश रायपुरिया सहित अन्य अतिथि मौजूद थे. इस अवसर पर पूर्व विधायक ने कहा कि मेले हमारी संस्कृति धरोहर हैं. मेलों से आपसी मेल मिलाप बढ़ता है. कजली तीज मेला बूंदी के साथ प्रदेश और देश भर में मशहूर है. दूर दराज के लोग इस ऐतिहासिक मेले को देखने यहां आते हैं.
तालेड़ा प्रधान राजेश रायपुरिया ने कहा कि बूंदी का कजली तीज मेले की छाप देश के साथ विदेशों में भी नजर आती है. यही कारण है कि कजली तीज महोत्सव को देखने सैकड़ों विदेशी सैलानी भी बूंदी पहुंचते हैं. प्रधान ने कहा कि पूरे 15 दिवस मेले के साथ यहां कई आयोजन भी होंगे. सभापति सरोज अग्रवाल और आयुक्त धर्मेंद्र कुमार मीणा ने कहा कि दो दिन निकलने वाली तीज माता की सवारी को बेहतर बनाने के हर संभव प्रयास किए हैं, जिसमें प्रथम दिन हम कामयाब भी हुए हैं. मेले को भी भव्यता देने के तमाम प्रयास किए जा रहे हैं.




















