दिल्ली के नेशनल मीडिया सेंटर (National Media Centre) में आज हुई जीएसटी काउंसिल की बैठक कई अहम फैसलों के साथ खत्म हुई. बैठक में सभी राज्यों ने मिलकर ग्रुप ऑफ मिनिस्टर्स की सिफारिशों को मंजूरी दी. इन फैसलों का सीधा असर सरकार की कमाई और आम लोगों की जेब पर दोनों पर पड़ेगा. नए बदलाव 22 सितंबर से लागू होंगे.
सबसे बड़ी राहत आम जनता को हेल्थ और लाइफ इंश्योरेंस (Insurance) पर मिली है. अब तक इस पर 18% जीएसटी (GST) देना पड़ता था, लेकिन अब इसे पूरी तरह टैक्स छूट की कैटेगरी में डाल दिया गया है. इससे इंश्योरेंस लेना सस्ता हो जाएगा. माना जा रहा है कि अब इंश्योरेंस का दायरा और ज्यादा बढ़ेगा.
सिर्फ 5 और 18 फीसदी का स्लैब रहेगा
अब सरकार ने जीएसटी के दो स्लैब खत्म कर दिए हैं. यह फैसला करीब 10 घंटों तक चली मीटिंग में लिया गया. अब सिर्फ 5 और 18 फीसदी का जीएसटी स्लैब रहेगा. सरकार ने 12 और 28 फीसदी के स्लैब को खत्म कर दिया है. लग्जरी प्रोडक्ट्स और सिन गुड्स पर अब 40 फीसदी जीएसटी लगेगी.
48 हजार करोड़ का नुकसान
अनुमान है कि काउंसिल के फैसलों से सरकार को कुल 48 हजार करोड़ रुपये का नुकसान होगा. रेट रेशनलाइजेशन (Rate Rationalisation) से करीब ₹93,000 करोड़ का नुकसान होगा. वहीं सिन गुड्स टैक्स बढ़ोतरी (Sin Goods Tax Hike) से करीब ₹45,000 करोड़ की कमाई होगी. इस तरह घाटे और मुनाफे को मिलाकर सरकार को 48 हजार करोड़ रुपये का कुल नुकसान होगा




















