Bhilwara : भागवत समरसता महोत्सव के तीसरे दिन पंडाल पड़ा छोटा, श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी
परमात्मा की प्राप्ति का मार्ग वन में नहीं बल्कि मनुष्य के मन में निहित है: राधाकृष्ण महाराज
भीलवाड़ा (पंकज पोरवाल)। परम पूज्य माधव गो विज्ञान अनुसंधान संस्थान एवं श्री सांवरिया सेठ मंदिर ट्रस्ट, नौगांवा के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित भागवत समरसता महोत्सव के तीसरे दिन रविवार को श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी।
श्रद्धालुओं की हजारों की तादाद में संख्या को देखते हुए पंडाल खचाखच भर गया। संस्थान के अध्यक्ष डीपी अग्रवाल और कथा संयोजक मनीष बहेडिया ने बताया कि माधव गौशाला परिसर में आयोजित इस भव्य आयोजन के दौरान गौवत्स राधाकृष्ण महाराज ने एकादशी के महत्व को रेखांकित करते हुए इसे भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव यानी जन्माष्टमी के समान फलदायी बताया। महाराज ने गौ-सेवा के वैज्ञानिक आधार पर प्रकाश डालते हुए कहा कि आधुनिक विज्ञान और आयुर्वेद ने अब यह सिद्ध कर दिया है कि गाय केवल दूध का स्रोत नहीं है, बल्कि इसके गौ-मूत्र अर्क और गोबर से निर्मित एलपीजी गैस, बिजली व जैविक खाद मानव जाति के लिए किसी वरदान से कम नहीं हैं।

कथा के दौरान सेवा और भक्ति के मर्म को समझाते हुए महाराज श्री ने कहा कि मनुष्य प्रतीक्षा के योग्य नहीं, बल्कि सेवा के योग्य है। उन्होंने चेताया कि सेवा कार्य में जितना विलंब किया जाता है, अर्जित होने वाला पुण्य उतना ही कम हो जाता है। उन्होंने एक रोचक कटाक्ष के माध्यम से बताया कि दुनिया भर में नरक की यातनाओं के आधुनिक साधन हो सकते हैं, लेकिन भारत की व्यवस्थाओं में सेवा और समर्पण ही सर्वाेपरि है। महाराज श्री ने ध्रुव चरित्र के प्रसंग के माध्यम से भक्तों को प्रेरित करते हुए कहा कि प्रेरणा देने वाले का स्वयं का चरित्र प्रामाणिक होना चाहिए, क्योंकि परमात्मा की प्राप्ति का मार्ग वन में नहीं बल्कि मनुष्य के मन में निहित है।
तक्षवी के भजन से श्रद्धालु हुए भावविभोर
महोत्सव के दौरान नन्हीं गायिका तक्षवी सोड़ानी द्वारा प्रस्तुत ऐसी लागी लगन, मीरा हो गई मगन भजन ने पांडाल में उपस्थित सभी श्रद्धालुओं को भक्ति के रस में सराबोर कर दिया। संध्या के समय माधव गौशाला परिसर स्थित नन्देश्वर महादेव मंदिर में विधि-विधान से शिवालय पूजन संपन्न हुआ।
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प्रबुद्धजनों ने लिया कथावाचक राधाकृष्ण का आशीर्वाद’
इस गरिमामयी अवसर पर महंत संत दास (हाथी भाटा), मुरारी पाण्डे (पंचमुखी बालाजी रीको), संत बनवारी शरण काठिया बाबा, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह प्रांत प्रचारक डॉ. धर्मेन्द्र बिहानी, संघ क्षेत्र प्रचारक प्रमुख श्रीवर्धन भाई, ग्राम विकास क्षेत्र प्रमुख श्याम बिहारी, सह शारीरिक प्रचारक (केरल) के. मोहन, कार्यकारी प्रचारक (जयपुर) राजवीर सिंह, समाजसेवी अमित लढ़ा (रूपापुरा), विशिष्ट अतिथि हरीश डांकडा (जहाजपुर), अनिल असावा (केलवाड़ा), पंकज लढ़ा (मनासा), सुरेश झंवर (सूरत), उद्योगपति पीएम बेसवाल, रमेश तोतला (निम्बाहेड़ा), द्वारका प्रसाद डांकडा (कोटा), कमला, अनिल, गोविन्द कन्दोई, बनवारीलाल, संजय मुंदड़ा, श्याम चाण्डक, राधाकिशन सोमानी, कैलाश कोठारी, भैरूलाल जाबरा (भीलवाड़ा), भंवरलाल ओसवाल (जोधड़ी), देवाराम बान्दरा (किशोरी गौशाला), शांतिलाल पोरवाल, रमेश राठी, स्व. गोपाल राठी का परिवार, राजेंद्र बियाणी एवं अमित भवसार मौजूद रहे। सभी ने महाराज का आशीर्वाद लिया।
श्री कृष्ण जन्मोत्सव में आज बटेगी खुशियां, शाम को होगी युवा गोष्ठी
मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष गोविंद प्रसाद सोडाणी ने बताया कि 30 मार्च (सोमवार) को चैत्र शुक्ल द्वादशी पर श्री कृष्ण जन्मोत्सव का प्रसंग सुनाया जाएगा और इसी दिन सायं 7 बजे से रामस्नेही वाटिका, भीलवाड़ा में पूज्य गोवत्स राधाकृष्ण महाराज के सानिध्य में युवा गोष्ठी का आयोजन होगा। 31 मार्च (मंगलवार) को चैत्र शुक्ल तेरस के दिन बाल कृष्ण लीला की कथा होगी, जिसके विराम के बाद विशेष दर्शन छप्पन भोग व समरसता भोजश् का कार्यक्रम रखा गया है, इसी शाम 7.30 बजे से कोठारी पैलेस, पुर में राघव शर्मा द्वारा सुन्दरकाण्ड पाठ किया जाएगा। इसके बाद 01 अप्रैल (बुधवार) को चैत्र शुक्ल चतुर्दशी पर रुक्मणी विवाह का प्रसंग होगा और समापन के दिन 02 अप्रैल (गुरुवार) को चैत्र शुक्ल पूर्णिमा पर प्रातः 9.30 बजे से सुदामा चरित्र की कथा के साथ कार्यक्रम का विश्राम होगा।
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