जैसलमेर: पूर्व उपमुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने मंगलवार को जैसलमेर दौरे के दौरान दो अलग-अलग मुद्दों पर भाजपा सरकार और निर्वाचन आयोग को कठघरे में खड़ा किया. पायलट ने जहां हाल ही में रद्द हुई एसआई भर्ती परीक्षा को लेकर सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाए. वहीं वोट चोरी के आरोपों को लेकर लोकतंत्र और चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर भी गंभीर टिप्पणी की.
‘असल समस्या का समाधान नजर नहीं आता’: पायलट ने कहा कि प्रदेश की भाजपा सरकार का रुख पूरी तरह कंफ्यूज है. कोर्ट का फैसला कुछ और, हलफनामों में कुछ और और मंत्रियों के बयान कुछ और आ रहे हैं. यह स्थिति युवाओं के साथ अन्याय है और सरकार की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े करती है. उन्होंने कहा कि सरकार को सत्ता में आए दो साल पूरे हो चुके हैं, लेकिन अभी तक इस भर्ती परीक्षा को लेकर कोई स्पष्ट निर्णय नहीं लिया गया है. केवल कमेटियां और समितियां बनाने की घोषणाएं की जा रही हैं, लेकिन असल समस्या का समाधान कहीं नजर नहीं आता.
पेपर लीक करने वालों को मिले कठोर दंड: पायलट ने साफ कहा कि जिन लोगों ने पेपर लीक और भ्रष्टाचार किया है, उन्हें किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाना चाहिए. चाहे वे किसी दल से जुड़े हों या किसी गुट से, अधिकारी हों या नेता-सभी को कठोर दंड मिलना चाहिए. पूर्व डिप्टी सीएम ने यह भी कहा कि यह केवल एक भर्ती परीक्षा की समस्या नहीं है, बल्कि पूरा आरपीएससी तंत्र सवालों के घेरे में है. यहां खुलेआम भ्रष्टाचार के आरोप सामने आ चुके हैं. उन्होंने सरकार से मांग की कि कोर्ट का फैसला अपनी जगह है, लेकिन राज्य की जिम्मेदारी है कि युवाओं को राहत दे और एक पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया सुनिश्चित करे.
भाजपा और चुनाव आयोग पर साधा निशाना: पायलट ने कहा कि राहुल गांधी ने तथ्यों और आंकड़ों के साथ यह दिखाया कि कई जगहों पर वोटों की चोरी हुई है. उन्होंने कहा कि जब बिहार में ‘वोट अधिकार यात्रा’ निकाली गई, तो आम लोग इस अभियान के समर्थन में सड़क पर उतरे. पायलट ने कहा कि पहले हम पढ़ते थे कि वोट डालने के लिए अधिकारी जंगलों, पहाड़ों और रेगिस्तानों तक जाते थे, ताकि हर मतदाता तक लोकतंत्र पहुंचे. लेकिन आज हालात ऐसे हैं कि वोटों के साथ छेड़छाड़ हो रही है और आयोग चुप है.
प्रदेश में भी हो जांच: पायलट ने चेतावनी दी कि वोट चोरी किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी. यह मुद्दा जीत-हार का नहीं, बल्कि लोकतंत्र बचाने का है. राहुल गांधी के नेतृत्व में यह आवाज पूरे देश में गूंज रही है और जनता खुलकर इसका समर्थन कर रही है. राजस्थान का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि यहां भी चुनाव प्रक्रिया की जांच होनी चाहिए ताकि जनता को भरोसा मिले कि उनका वोट सुरक्षित है.




















