जयपुर : राजस्थान के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में पीजी स्टूडेंट्स को अब दाखिले के समय 25 लाख से 1.5 करोड़ रुपए तक का बॉन्ड भरना होगा. चिकित्सा शिक्षा विभाग के आदेश के अनुसार, राजकीय और राजमेस के अधीन संचालित सभी चिकित्सा महाविद्यालयों में सत्र 2025-26 से बॉन्ड सिस्टम लागू होगा. बॉन्ड सिस्टम के अनुसार, स्टूडेंट को अपना कोर्स पूरा करने के बाद दो साल प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में सेवाएं देनी होंगी अन्यथा बॉन्ड राशि का भुगतान करना होगा. इससे पहले बॉन्ड की अधिकतम राशि 25 लाख रुपए थी, लेकिन विरोध के बाद इसे 10 लाख रुपए कर दिया था और राजकीय सेवा का समय 2 साल रखा था. ऐसे में इस बार बॉन्ड की राशि 6 गुना बढ़ा दी गई.
नीट पीजी काउंसलिंग के चेयरमैन डॉक्टर आरके जैन ने कहा कि बॉन्ड सिस्टम को लेकर चिकित्सा शिक्षा विभाग ने आदेश जारी कर दिए हैं. प्रदेश में स्वास्थ्य सेवा को मजबूत करने और सरकारी अस्पतालों में विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी को पूरा करने के लिए राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है. अब प्रदेश में पीजी मेडिकल स्टूडेंट्स को अनिवार्य रूप से दो साल राजकीय सेवा करनी होगी. अगर कोई छात्र-छात्रा इस शर्त को पूरा नहीं करता है तो उसे 25 लाख से 1.5 करोड़ रुपए बॉन्ड राशि चुकानी होगी. हालांकि, पहली बार अलग-अलग विशेषज्ञों के लिए अलग-अलग बॉन्ड राशि तय की गई है.
गुणवत्ता बढ़ेगी: चिकित्सा विभाग का मानना है कि इस निर्णय से प्रदेश के ग्रामीण इलाकों में भी मरीजों को बड़े शहरों जैसी स्वास्थ्य सुविधाएं मिल पाएंगी. अभी अधिकांश डॉक्टर पढ़ाई पूरी करने के बाद निजी संस्थानों या विदेशों का रुख कर लेते हैं. ऐसे में सरकारी अस्पतालों में विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी हो जाती है. इस नीति से न केवल सरकारी अस्पतालों में विशेषज्ञों की संख्या बढ़ेगी, बल्कि आने वाले वर्षों में चिकित्सा सुविधाओं की गुणवत्ता भी ऊंचे स्तर पर पहुंचेगी. खासकर ऐसे समय में जब प्रदेश में गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए विशेषज्ञ डॉक्टरों की जरूरत लगातार बढ़ रही है.
1.5 करोड़ का बॉन्ड
- डर्मेटोलॉजी या त्वचा रोग (स्किन और वीडी)
- रेडियोडाइग्नोसिस
- प्रसूति एवं स्त्री रोग
- जनरल मेडिसिन
1 करोड़ का बॉन्ड
- ऑर्थोपेडिक्स या हड्डी रोग
- पीडियाट्रिक्स या बाल रोग
- टीबी एवं चेस्ट
- ऑप्थल्मोलॉजी या नेत्र विज्ञान
- ट्रॉमाटोलॉजी
- जनरल सर्जरी
- साइकेट्री या मनोचिकित्सा
50 लाख का बॉन्ड
- ऑटोरहिनोलेरिंगोलॉजी (ईएनटी)
- इमरजेंसी मेडिसिन
- रेडिएशन ऑकोलॉजी
- न्यूक्लियर मेडिसिन
- एनेस्थिशिया
- पैलिएटीव मेडिसिन
- पैथोलॉजी
- फिजिकल मेडिसिन एंड रीहेबिलिएशन (पीएमआर)
- इम्यूनोहीमेटोलॉजी
- माइक्रोबायलोजी
25 लाख का बॉन्ड
- बायो केमेस्ट्री
- कम्यूनिटी मेडिसिन
- फॉरेंसिक मेडिसिन
- एनाटमी
- फिजियोलॉजी
- फार्माकोलॉजी




















