बाड़मेर: अपने सरकारी ड्राइवर को थप्पड़ मारने के मामले में चौहटन पुलिस उपाधीक्षक जीवनलाल खत्री को एपीओ कर दिया गया. मामले की विभागीय जांच चल रही है. जीवनलाल पर पुलिस वाहन के ड्राइवर (हेड कांस्टेबल) रामूराम मेघवाल ने थप्पड़ मारने का आरोप है.
पुलिस अधीक्षक नरेंद्र सिंह मीना ने बताया कि घटना के बाद मैंने डीएसपी जीवनलाल के रीडर गोपीकिशन से फोन पर बात की. रीडर ने माना कि डीएसपी ने ड्राइवर को थप्पड़ मारा था. इस मामले की जांच एएसपी जसाराम बॉस को सौंपी गई. डीएसपी, ड्राइवर और रीडर ने लिखित में अपनी गलती स्वीकारी है. इस मामले में अब रेंज ऑफिस से एडिशनल एसपी आकर आगे की जांच करेंगे. डीएसपी जीवनलाल खत्री को एपीओ कर दिया है. इससे पहले डीएसपी थप्पड़ मारने की घटना से इनकार करते रहे. चालक को पहले ही पुलिस लाइन में लगा दिया गया था.
गौरतलब है कि 11 सितंबर की रात धनाऊ थाना इलाके से जांच के बाद डीएसपी जीवनलाल सरकारी गाड़ी से चौहटन लौट रहे थे. इस दौरान डीएसपी जीवनलाल और पुलिस ड्राइवर रामूराम के बीच किसी बात पर बहस हो गई. आरोप है कि डीएसपी ने ड्राइवर से गाली गलौज की और थप्पड़ मार दिया. इसके बाद मामला चर्चा में आ गया. नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने भी मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की थी.




















