Bhilwara : रावणा राजपूत समाज ने रचा सेवा का नया इतिहास, नवनिर्वाचित पदाधिकारियों का शपथ ग्रहण समारोह सम्पन्न
विशाल रक्तदान शिविर में 470 यूनिट रक्त संग्रहित, प्रतिभाओं व रक्तदाताओं का हुआ सम्मान
रावणा राजपूत समाज ने सदैव देश, धर्म और मानवता के लिए अपना योगदान दिया है: मंजीत पाल सिंह चौहान
रावणा राजपूत सेवा संस्थान सेवा और संस्कारों का सशक्त मंच बन चुका: विधायक जब्बर सिंह सांखला
रक्तदान महादान है और इससे बढ़कर मानव सेवा का दूसरा कोई माध्यम नहीं हो सकता: नरेंद्र सिंह गुढ़ा
भीलवाड़ा (पंकज पोरवाल) : श्री अखिल रावणा राजपूत सेवा संस्थान, भीलवाड़ा के तत्वावधान में नगर निगम टाउन हॉल में आनंदपाल अपघात सेवा समिति एवं सर्व समाज के सहयोग से विशाल रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया।
मानव सेवा और सामाजिक सरोकारों को समर्पित इस आयोजन में समाज के युवाओं, महिलाओं, बुजुर्गों और विभिन्न वर्गों के लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर रक्तदान किया। शिविर में कुल 470 यूनिट रक्त संग्रहित किया गया, जिसे भीलवाड़ा ब्लड बैंक, रामसनेही ब्लड बैंक, महात्मा गांधी ब्लड बैंक एवं कोटड़ी श्याम ब्लड बैंक की टीमों को सुपुर्द किया गया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि आनंद सेवा समिति, लाडनूं के संस्थापक अध्यक्ष मंजीत पाल सिंह चौहान सांवराद थे, जबकि अध्यक्षता आसींद विधायक जब्बर सिंह सांखला ने की। विशिष्ट अतिथियों में लगातार तीसरी बार कोठाज ग्राम पंचायत के सरपंच गोपाल सिंह कानावत, आनंदपाल अपघात सेवा समिति के जिला अध्यक्ष हरिकिशन सिंह कानावत, अनिल सिंह बडगूजर तथा महावीर सिंह लाम्बा मंचासीन रहे।
शिविर का शुभारंभ अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलन एवं भारत माता के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया। इसके बाद रक्तदान अभियान प्रारंभ हुआ, जिसमें समाज के युवाओं के साथ बड़ी संख्या में महिलाओं ने भी रक्तदान कर सामाजिक जागरूकता का परिचय दिया।
आयोजन स्थल पर पूरे दिन उत्साहपूर्ण वातावरण बना रहा तथा रक्तदाताओं का लगातार पंजीयन होता रहा। मुख्य अतिथि मंजीत पाल सिंह चौहान ने अपने संबोधन में कहा कि रक्तदान सबसे बड़ा दान है। रावणा राजपूत समाज ने सदैव देश, धर्म और मानवता के लिए अपना योगदान दिया है। आज 470 यूनिट रक्तदान कर समाज ने मानव सेवा की नई मिसाल कायम की है।
रक्त की एक-एक बूंद किसी जरूरतमंद के जीवन को बचाने का माध्यम बनती है। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे विधायक जब्बर सिंह सांखला ने कहा कि श्री अखिल रावणा राजपूत सेवा संस्थान केवल सामाजिक संगठन नहीं, बल्कि सेवा और संस्कारों का सशक्त मंच बन चुका है। उन्होंने कहा कि संस्थान का उद्देश्य समाज को शिक्षा, स्वास्थ्य, सेवा और संगठन के क्षेत्र में अग्रणी बनाना है।
भविष्य में भी इसी प्रकार के जनहितकारी कार्यक्रम लगातार आयोजित किए जाएंगे, जिससे समाज के साथ-साथ पूरे जिले को लाभ मिलेगा। इस अवसर पर श्री अखिल रावणा राजपूत सेवा संस्थान के नवनिर्वाचित जिला अध्यक्ष नरेंद्र सिंह गुढा सहित सभी तहसील अध्यक्षों एवं जिला कार्यकारिणी के सदस्यों का विधिवत शपथ ग्रहण समारोह भी आयोजित किया गया।
Bhilwara : उपभोक्ता कल्याण समिति के प्रदेश व जिला पदाधिकारियों ने ली शपथ
अतिथियों ने सभी पदाधिकारियों को समाजहित एवं संगठन की मजबूती के लिए ईमानदारी और समर्पण के साथ कार्य करने की शपथ दिलाई। कार्यक्रम के दौरान विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल करने वाली समाज की प्रतिभाओं, संगठन पदाधिकारियों, सभी रक्तदाताओं एवं सहयोगी भामाशाहों का ट्रॉफी एवं प्रशस्ति-पत्र देकर सम्मान किया गया।
सम्मान समारोह ने आयोजन को और अधिक गरिमामय बना दिया। अतिथियों ने कहा कि समाज के ऐसे प्रतिभाशाली लोगों का सम्मान नई पीढ़ी को प्रेरणा देता है तथा सेवा कार्यों में सहयोग करने वाले भामाशाह समाज की वास्तविक शक्ति हैं।
रक्तदान शिविर के सफल संचालन में विभिन्न ब्लड बैंकों की चिकित्सकीय टीमों, स्वयंसेवकों एवं संस्थान के कार्यकर्ताओं ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। रक्तदाताओं की सुविधा के लिए चिकित्सा व्यवस्था, पंजीयन, विश्राम एवं अल्पाहार की समुचित व्यवस्था की गई थी। आयोजन की उत्कृष्ट व्यवस्थाओं की उपस्थित लोगों ने मुक्तकंठ से सराहना की।
कार्यक्रम में समाज के सैकड़ों गणमान्य नागरिक, मातृशक्ति, युवा, विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में आमजन मौजूद रहे। पूरे आयोजन के दौरान सेवा, संगठन और सामाजिक एकता का संदेश स्पष्ट रूप से दिखाई दिया।

अंत में संस्थान के नवनिर्वाचित जिला अध्यक्ष नरेंद्र सिंह गुड्डा ने सभी अतिथियों, रक्तदाताओं, भामाशाहों, ब्लड बैंक की टीमों, प्रशासन एवं आयोजन को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि भविष्य में भी समाज जनकल्याण के ऐसे सेवा कार्य निरंतर करता रहेगा। उन्होंने अधिक से अधिक लोगों से नियमित रक्तदान करने का आह्वान करते हुए कहा कि रक्तदान महादान है और इससे बढ़कर मानव सेवा का दूसरा कोई माध्यम नहीं हो सकता।




















