बीकानेर (श्रेयांस बैद) दो विधायकों ने मुख्यमंत्री व संघ के क्षत्रिय प्रचारक तक पहुंची बीडीए के प्लान की रिपोर्ट
बीकानेर विकास प्राधिकरण के प्लान 2043 के खिलाफ अब सीधे तौर पर सत्ता से जुड़े दो विधायकों ने भी विरोध करना शुरू कर दिया। इसमें लगातार गोचर की वकालत करते हुए पूर्व मंत्री देवी सिंह भाटी के पौत्र व कोलायत विधायक अंशुमान सिंह भाटी और बीकानेर पश्चिम के जेठानंद व्यास शामिल हैं। दोनों विधायकों ने संयुक्त रूप से मामला आरएसएस के साथ सीएम तक पहुंचाया है।
व्यास और भाटी ने शुक्रवार को जयपुर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के क्षेत्रीय प्रचारक निम्बाराम से पहले मुलाकात की उन्हें बताया कि कैसे गायों के लिए सुरक्षित की गई जमीन बीडीए ने अपने प्लान में लेकर गौवंश को खतरे में डाला है इस निर्णय का पूरे जिले में विरोध हो रहा है।
188 गांवों के लोगों ने आपत्तियां बीडीए को दी हैं। सरकार से आपत्तियों के लोगों ने समय और देने की मांग की है।
दोनों विधायकों ने मुख्यमंत्री के विशिष्ट सचिव आईएएस संदेश नायक से भी मुलाकात करते हुए गोचर भूमि के अधिग्रहण के प्रस्ताव को रद्द करने की मांग की।
भीलवाड़ा राउंड टेबल ने हरनी पौधशाला में 100 पौधेरोपित किए, ली देखभाल की जिम्मेदारी
उन्होंने बताया कि मास्टर प्लान में शहर से लगती 40 हजार बीघा गोचर भूमि, 188 गांवों की ओरण-गोचर तथा जोहड़ पायतान भूमि के अधिग्रहण को रद्द करने की मांग की।
विधायक जेठानंद व्यास एवं अंशुमान भाटी ने बताया कि गोचर भूमि का अन्यत्र उपयोग कानूनन गलत है ये निर्णय पशुधन के साथ ग्रामीण संस्कृति के अस्तित्व से जुड़ा हुआ है इसके मद्देनजर उन्होंने इस प्रस्ताव को अविलम्ब निरस्त करवाने की मांग की जिला प्रशासन और बीडीए के इक तरफा प्रस्ताव के कारण सरकार की छवि भी प्रभावित हो रही है विधायक व्यास ने कहा कि नायक ने विश्वास दिलाया कि वर्तमान में इस गोचर भूमि का उपयोग किसी प्रकार की व्यावसायिक अथवा आवासीय गतिविधि में नहीं किया जाएगा।




















