जयपुर: वर्ष 2018 में हुए सवाई माधोपुर जिला क्रिकेट संघ पर मौजूदा जिला क्रिकेट संघ के पदाधिकारियों ने सवाल उठाए हैं. सवाई माधोपुर जिला क्रिकेट संघ के जॉइंट सेक्रेटरी जितेंद्र उपाध्याय का आरोप है कि वर्ष 2018 में हुए सवाई माधोपुर जिला क्रिकेट संघ के चुनाव में फर्जी साइन और दस्तावेजों का इस्तेमाल किया गया.
जितेंद्र उपाध्याय ने गुरुवार को राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन में आयोजित प्रेस वार्ता में बताया कि सवाई माधोपुर जिला क्रिकेट संघ का पहला चुनाव वर्ष 2008 में हुआ था. इसके बाद वर्ष 2012 में और वर्ष 2016 में चुनाव हुए. लेकिन सुमित गर्ग ने वर्ष 2018 में ही चुनाव करवा दिए. जबकि दो साल बाद चुनाव का कोई प्रावधान नहीं था. उन्होंने दावा किया कि साल 2018 में जो चुनाव हुए, उसमें स्पोर्ट्स काउंसिल की ओर से भवानी सिंह नाम के व्यक्ति को पर्यवेक्षक बनाया गया. जॉइंट सेक्रेटरी का कहना है कि आरटीआई से पता चला कि स्पोर्ट्स काउंसिल में मनोनीत सदस्य भवानी सिंह के फर्जी हस्ताक्षर करके चुनाव करवाया गया. ऐसे में 2018 का चुनाव अवैध था.
फर्जी हस्ताक्षर: प्रेस वार्ता के दौरान भवानी सिंह भी मौजूद रहे. भवानी सिंह ने कहा कि उनके नाम का दुरुपयोग किया गया और फर्जी हस्ताक्षर करवाकर चुनाव करवाए गए. इसे लेकर उन्होंने एक शपथ पत्र भी दिया है. भवानी सिंह ने यह भी कहा कि इसे लेकर कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी. उन्होंने कहा कि मेरा नाम और हस्ताक्षर चुनाव में उपयोग लिए गए. यह पूरी तरह से गैर-कानूनी है.
एफआईआर दर्ज करने की मांग: जॉइंट सेक्रेटरी जितेंद्र उपाध्याय का कहना है कि पूरे मामले की जानकारी स्पोर्ट्स काउंसिल को दे दी गई है. उन्होंने कहा कि हम चाहते हैं कि इस चुनाव की जांच की जाए. इस दौरान राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन से जितना भी पैसा उपयोग में लाया गया है, उसकी रिकवरी की जाए और दोषियों पर कार्रवाई हो. उन्होंने कहा कि जो भी दोषी है, उन पर मामला दर्ज किया जाए.




















