राजसमंद : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर देशभर में अलग-अलग कार्यक्रम हुए. राजसमंद विधानसभा में विधायक दीप्ति माहेश्वरी की पहल पर जिला प्रशासन, शिक्षा विभाग और रिमार्केबल एजुकेशन के तत्वावधान में 11 स्कूलों के 2244 छात्रों का साइकोमेट्रिक टेस्ट किया गया. केलवा के फूलीबाई अंशुल बोहरा राउमावि केलवा में यह टेस्ट हुआ. इसे इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड में दर्ज करते हुए प्रमाण पत्र दिया गया. सर्वाधिक 1200 छात्रों का एक साथ साइकोमेट्रिक टेस्ट का रिकॉर्ड सिंगापुर के नाम दर्ज था, मगर अब 2244 छात्रों के साथ यह रिकॉर्ड भारत के नाम हो गया है.
समग्र शिक्षा अभियान के जिला समन्वयक घनश्याम गौड़ ने बताया कि जिला प्रशासन शिक्षा विभाग और रिमार्केबल एजुकेशन के तत्वावधान में फूलीबाई अंशुल बोहरा राउमावि केलवा में 2244 छात्रों का साइकोमेट्रिक टेस्ट का आयोजन किया. इसमें राजसमंद ब्लॉक के 11 स्कूलों के कक्षा 9 से 12 तक के छात्र छात्राओं को बसों के माध्यम से यहां लाया गया, जहां छात्रों ने उत्साह के साथ टेस्ट में भाग लिया. यह परीक्षा डिजिटल प्लेटफॉर्म पर टैबलेट और लैपटॉप के माध्यम से कराई गई, जिसमें 70 से 200 प्रश्न शामिल थे.
सिंगापुर का रिकॉर्ड तोड़ा : इन प्रश्नों के जरिए छात्रों की रुचियों, क्षमताओं, व्यक्तित्व और व्यवहारिक पैटर्न को परखा गया. इस वैज्ञानिक पद्धति का उद्देश्य विद्यार्थियों की मानसिक क्षमता और करियर उन्मुखी रुचियों को समझना है. इस तरह एक साथ एक ही जगह 2244 छात्रों ने साइकोमेट्रिकट टेस्ट दिया. दिल्ली से आई तीन सदस्यीय विशेषज्ञों की टीम ने भौतिक रूप से सत्यापित करने के बाद वर्ल्ड रिकॉर्ड का प्रमाण पत्र दिया. अब तक यह रिकॉर्ड सर्वाधिक 1200 छात्रों के साथ सिंगापुर देश के नाम दर्ज था.
ब वन टू वन काउंसलिंग : रिमार्केबल एजुकेशन सीईओ डॉ. प्राची गौड़ ने बताया कि राजसमंद विधायक दीप्ति माहेश्वरी की पहल पर राजसमंद विधानसभा क्षेत्र के तमाम स्कूलों में छात्रों की बौद्धिक क्षमता को परखने का अभियान चल रहा है. इसके तहत अब श्री बालकृष्ण उमावि में 750 छात्रों की वन-टू-वन काउंसलिंग होगी. इसके तहत 40 सदस्यीय एक्सपर्ट टीम व्यक्तिगत रूप से मार्गदर्शन दिया देगी. स्कूली छात्र-छात्राओं की बौद्धिक क्षमता को परखने के उद्देश्य से साइकोमेट्रिक टेस्ट रखा. छात्रों के इंटरेस्ट व मानसिक क्षमता को परखने का माध्यम मात्र है. इसी दिशा में भविष्य में शिक्षण पर ध्यान देकर छात्रों को आगे बढ़ाने के प्रयास करेंगे.




















