जयपुर: राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड ने भर्ती परीक्षाओं को लेकर बड़ा फैसला लिया है, अब परीक्षा पेपर होने के बाद कोई भी उस पर चर्चा नहीं कर सकेगा. यह नियम 19 सितंबर 2025 से लागू होगा. पहले परीक्षा समाप्त होने के बाद कोचिंग संस्थानों और शिक्षकों द्वारा पेपर का एनालिसिस और डिस्कशन किया जाता था, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा. बोर्ड के अध्यक्ष आलोक राज ने बताया कि 19 सितंबर से शुरू होने वाली चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी भर्ती परीक्षा से यह नियम लागू किया जाएगा. उन्होंने साफ कहा कि कोई भी शिक्षक, कोचिंग संचालक या अन्य व्यक्ति पेपर का एनालिसिस या डिस्कशन नहीं कर सकेगा.
नियम तोड़ने पर होगी कार्रवाई: परीक्षा के दौरान कोई भी ऑनलाइन या ऑफलाइन प्लेटफॉर्म पर पेपर से जुड़ा डिस्कशन शेयर करता है, तो इसे परीक्षा में बाधा माना जाएगा. ऐसे लोगों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी. आलोक राज ने कहा कि यदि कोई पेपर सॉल्व करना या एनालिसिस करना चाहता है तो वह 19 सितंबर से पहले या फिर 21 सितंबर के बाद ही कर सकता है.
परीक्षार्थियों के लिए फ्री बस सुविधा: परीक्षार्थियों की सुविधा को देखते हुए सरकार ने बड़ा कदम उठाया है. आलोक राज ने बताया कि चतुर्थ श्रेणी भर्ती परीक्षा के दौरान प्रदेशभर में 24.75 लाख स्टूडेंट्स को सरकारी बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा दी गई है. यह सुविधा परीक्षा शुरू होने से 2 दिन पहले और परीक्षा समाप्त होने के 2 दिन बाद तक लागू रहेगी, यानी जिन अभ्यार्थियों की परीक्षा 19 सितंबर को है, वे मंगलवार से ही बसों में एडमिट कार्ड दिखाकर फ्री यात्रा कर सकेंगे.
53749 पदों पर भर्ती, 1300 केंद्रों पर परीक्षा: राजस्थान में इस बार कुल 53749 पदों के लिए चतुर्थ श्रेणी भर्ती परीक्षा आयोजित की जा रही है. इस परीक्षा में 24.75 लाख से ज्यादा अभ्यार्थियों ने आवेदन किया है. परीक्षा 19 से 23 सितंबर तक 6 परियों में आयोजित होगी. इसके लिए प्रदेशभर के 38 जिलों में 1300 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं. सबसे ज्यादा 200 केंद्र जयपुर में हैं, जहां 4 लाख 50 हजार से अधिक अभ्यार्थी परीक्षा में शामिल होंगे.




















