बूंदी: शहर में बरसात भले थम गई, लेकिन उसकी मार लोगों पर भारी पड़ रही है. शहर के कहार मोहल्ले में मंगलवार रात रमेश कहार का जर्जर मकान अचानक भरभरा कर ढह गया. गनीमत रही कि परिवार महज दो मिनट पहले मकान से बाहर निकला था, इसलिए जनहानि नहीं हुई. इस बीच नगर परिषद ने कहा कि मकान मालिकों को जर्जर मकान धवस्त करने को पाबंद किया है.
नगर परिषद के अतिक्रमण प्रभारी रवि दाधीच ने कहा कि बारिश के समय ही शहर में जर्जर मकानों पर नोटिस चस्पा किए जा चुके हैं. मकान मालिकों को जर्जर मकान धवस्त करने को पाबंद किया है. हम लोगों से बार बार अपील कर रहे हैं कि जर्जर मकानों में नहीं रहें, ताकि हादसे का अंदेशा न रहे. वहीं, स्थानीय लोगों ने कहा कि कहार मोहल्ले का हादसा चेतावनी है. बारिश थम चुकी है, लेकिन जर्जर मकान खड़े हैं और नगर परिषद के अफसर चैन की नींद सो रहे हैं.
पूर्व पार्षद राजेश शेरगढ़िया और राकेश बंदेरियां ने आरोप लगाया कि बरसों से जर्जर मकानों की सूची बनाने और प्रभावित परिवारों को राहत देने की मांग की जा रही है, लेकिन नगर परिषद सिर्फ कागजों पर कार्रवाई कर रही है. इसी ढिलाई का नतीजा है कि शहरवासी अपने ही घरों में मौत के साए में जीने को मजबूर हैं. कहार के मकान में हादसा इतना अचानक हुआ कि किसी को संभलने का मौका नहीं मिला. कमरे में टीवी चल रहा था. बच्चे खेल रहे थे और खाना खाने के बाद परिवार हाथ धोने बाहर गया कि धमाके के साथ पट्टियां भरभरा कर गिर गईं. घर के टीवी, फ्रिज और अन्य जरूरी सामान मलबे में दब गए. हादसे के बाद अब आधी पट्टियां हवा में लटकी हैं. भारी दीवार के गली में गिरने का खतरा भी है.




















