जयपुर : सुप्रीम कोर्ट ने जल जीवन मिशन से जुड़े करीब 900 करोड़ रुपए के घोटाले से जुड़े मामले में ईडी सहित अन्य को नोटिस जारी कर चार सप्ताह में जवाब तलब किया है. जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस एजी मसीह की खंडपीठ ने यह आदेश महेश जोशी की जमानत याचिका पर प्रारंभिक सुनवाई करते हुए दिए. जमानत याचिका में पूर्व मंत्री महेश जोशी के वकील विवेक जैन ने अदालत को बताया कि प्रकरण में उन्हें फंसाया गया है. प्रकरण को लेकर एसीबी में दर्ज मूल केस में याचिकाकर्ता का नाम नहीं है. याचिकाकर्ता को एक साल पहले नोटिस दिया गया. इसके बाद बिना कोई परिस्थिति बदले उसे गत अप्रैल माह में गिरफ्तार कर लिया गया.
इसके अलावा ईडी याचिकाकर्ता पर 2.01 करोड़ रुपए का आरोप लगा रही है, जबकि इसे लेकर ईडी के पास कोई साक्ष्य नहीं हैं और परिवादी यह राशि कहां से लाया, उसका भी उल्लेख नहीं है. इसके अलावा ईडी ने अपनी रिपोर्ट में बेटे की फर्म में 50 लाख रुपए का लेन-देन बता रही है. यह राशि बेटे की कंपनी ने लोन के तौर पर ली थी और उसे लौटाया भी जा चुका है. वहीं, इस राशि को लेकर सिविल केस भी लंबित चल रहा है. मामले में आरोप पत्र भी पेश हो चुके हैं. इसके बावजूद भी हाईकोर्ट ने उसकी जमानत याचिका को खारिज कर दिया. ऐसे में उसे जमानत का लाभ दिया जाए, जिस पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने ईडी सहित अन्य पक्षकारों को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है.
गौरतलब है कि महेश जोशी की जमानत याचिका पर हाईकोर्ट ने गत आठ अगस्त को सभी पक्षों की बहस सुनकर अपना फैसला सुरक्षित रखा था. वहीं, 26 अगस्त को अदालत ने जोशी को राहत देने से इनकार करते हुए जमानत याचिका को खारिज कर दिया था. यह मामला केंद्र सरकार की हर घर नल पहुंचने वाली जल जीवन मिशन योजना से जुड़ा है. साल 2021 में श्री श्याम ट्यूबवेल कंपनी और मेसर्स श्री गणपति ट्यूबवेल कंपनी के ठेकेदार पदमचंद जैन और महेश मित्तल ने फर्जी अनुभव प्रमाण पत्र दिखाकर जलदाय विभाग से करोड़ों रुपए के टेंडर हासिल किए थे. घोटाले का खुलासा होने पर एसीबी ने मामले की जांच की थी. बाद में ईडी ने मामला दर्ज कर मार्च, 2024 को महेश जोशी को समन जारी कर तलब किया था.
वहीं, गत अप्रैल माह में ईडी ने महेश जोशी को गिरफ्तार किया था. प्रकरण में ईडी ने महेश जोशी और उनके पुत्र रोहित जोशी के साथ ही मैसर्स श्री श्याम ट्यूबवेल कंपनी, मैसर्स श्री गणपति ट्यूबवेल कंपनी, संजय बडाया, मुकेश पाठक, मायालाल सैनी, राकेश सिंह, प्रदीप कुमार, प्रवीण कुमार अग्रवाल, मलकेत सिंह, विशाल सक्सेना, महेन्द्र प्रकाश सोनी, मैसर्स सुमंगलम लैंडमार्क एलएलपी, हिमांशु रावत, नमन खंडेलवाल, तन्मय गोयल और हेमराज गुप्ता के खिलाफ गत जून माह में पीएमएलए एक्ट की धारा 3 व 4 के तहत परिवाद यानी आरोप पत्र पेश किया था.




















