अजमेर: अजमेर शरीफ दरगाह के दीवान सैय्यद जैनुल आबेदीन अली खां के उत्तराधिकारी सैय्यद नसीरुद्दीन चिश्ती ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रमुख मोहन भागवत के यूके के हालात पर दिए बयान का स्वागत और समर्थन किया. नसीरुद्दीन ने कहा कि भागवत ने अमेरिका और यूरोप को आईना दिखाया. संघ प्रमुख के विचार और शब्द बेहद महत्वपूर्ण होते हैं. उसमें कही ना कही बड़ा संदेश छुपा होता है.
अजमेर दरगाह के नसीरुद्दीन चिश्ती ने कहा कि मोहन भागवत के बयान से स्पष्ट है कि भारतीय संस्कृति ने हमेशा विश्व को जोड़ने का काम किया है. भारत जैसे सोने की चिड़िया था, वैसे ही भारत ने किसी को बांटने और तोड़ने की बात नहीं बल्कि विकास की बात की. भारत ने दुनिया को तरक्की का रास्ता दिखाया. इसलिए आरएसएस प्रमुख का बयान पूरी दुनिया के लिए स्पष्ट संदेश है कि हम नहीं बटेंगे और हम आगे बढ़ेंगे. भारत किसी के आगे दबाव में नहीं आता है और ना ही किसी पर दबाव बनाता है. भारत तरक्की की राह पर चलता है. दूसरों को भी तरक्की का रास्ता दिखाता है. भागवत का बयान काबिले तारीफ है.
चिश्ती ने कहा कि मोदी सरकार देश-विदेश में भारत का मान सम्मान बढ़ा रही है. ऐसे में अब भारत सोने की चिड़िया बन कर विश्व गुरु बनने की तरफ कदम बढ़ा चुका है. देशवासियों के लिए एक साथ मिल जुलकर रहना और देश की तरक्की के लिए आगे बढ़ना बेहद जरूरी है. चिश्ती ने कहा की हजरत ख्वाजा गरीब नवाज रहमतुल्लाह अलैहि ने भी हर भारतीय को जोड़ने काम किया. यही वजह है कि आज भी अजमेर दरगाह से विश्व भर में प्यार, मोहब्बत और इंसानियत के साथ भाईचारा का संदेश दिया जाता है.




















