भीलवाड़ा: फूलिया कला गांव पर जैसे दु:खों का पहाड़ टूट पड़ा है. रविवार को जयपुर के शिवदासपुरा में हुए भयावह हादसे में 7 लोगों की मौत हो गई, जिसमें भीलवाड़ा के फूलिया गांव के अशोक वैष्णव, उनकी पत्नी सीमा देवी, बेटा रोहित और पोते गजराज शामिल थे. यह भयावह घटना पूरे गांव के लिए मानो किसी बुरे सपने जैसी थी. सोमवार की सुबह जब चारों शव गांव लाए गए, तो हर चेहरा आंसुओं से भीगा हुआ था. शाहपुरा के धानेश्वर रोड स्थित श्मशान घाट पर जब तीन पीढ़ी की चार चिताएं एक साथ जलीं, तो वहां मौजूद लोगों की आंखों में बसी नमी मानो यह कह रही थी,”यह कैसा सितम है” लेकिन फूलिया कला गांव में शोक की लहर अभी यहीं नहीं थमी. गांव के लोग अभी एक हादसे से उबरे भी नहीं थे कि एक और हादसा हो गया.
अंतिम संस्कार के बाद परिवारजन और ग्रामीण पास ही मौजूद खारी नदी के एनिकट पर नहाने के लिए पहुंचे, लेकिन नियति को यहां पर कुछ और ही मंजूर था. नहाने के लिए पानी में उतरे सात युवक एनीकट में डूबने लगे. वहां मौजूद लोगों ने तत्काल सभी को बचाने का प्रयास किया, लेकिन इस हादसे में दो युवक महेंद्र माली और बरदी चंद की सांसें थम गईं, एक और युवक महेश अब भी लापता है, जबकि चार युवकों को ग्रामीणों ने समय रहते बाहर निकाल लिया.
गांव में पसरा मातम: शाहपुरा ASP राजेश आर्य ने बताया कि एनीकट में डूबे 7 युवकों में से 2 की मौत हो गई, जबकि, एक लापता है, बाकी 4 घायलों को ग्रामीणों ने तत्काल अस्पताल पहुंचाया, जहां उनका इलाज जारी है. डॉक्टर के अनुसार चारों की हालत अभी गंभीर है. इस हादसे के बाद गांव में मातम फैल गया, जो लोग पहले ही अपने करीबी खो चुके थे, अब उनके बीच यह नया हादसा गहरे घाव छोड़ गया. हर कोई सहमा हुआ है. गांव की गलियों में सन्नाटा पसरा है. हर घर में खामोशी छाई हुई है. सभी लोग लापता युवक की कुशलता और घायलों के ठीक होने की कामना कर रहे हैं.
नेता, अधिकारी पहुंचे अस्पताल: हादसे की खबर मिलते ही भीलवाड़ा सांसद दामोदर अग्रवाल, विधायक डॉ. लालाराम बैरवा और जिला कलेक्टर जसमीत सिंह संधु शाहपुरा जिला चिकित्सालय पहुंचे. उन्होंने अस्पताल में भर्ती युवकों का हाल जाना, डॉक्टरों से बातचीत कर बेहतर इलाज के निर्देश दिए और परिवारों को ढांढस बंधाया. साथ ही उन्होंने प्रशासन से कहा कि हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाए. कलेक्टर ने जांच कराने और पीड़ित परिवारों को आर्थिक मदद पहुंचाने की प्रक्रिया तेज करने का भरोसा दिलाया.




















