उदयपुर: अखिल भारतीय महिला कांग्रेस की अध्यक्ष अलका लांबा शुक्रवार को उदयपुर पहुंचीं. उन्होंने बांसवाड़ा में दरिंदगी का शिकार हुई पीड़िता से अस्पताल में मुलाकात की और परिजनों को हर संभव न्याय दिलाने का आश्वासन दिया. उन्होंने आरोप लगाया कि राजस्थान की भाजपा सरकार पीड़िताओं को शीघ्र न्याय दिलाने के लिए गंभीर नहीं है. दुष्कर्म के मामले फास्ट ट्रैक कोर्ट में नहीं दिए जाते, जिससे पीड़िताओं को त्वरित न्याय नहीं मिल पाता.
लांबा ने इस मौके पर पत्रकारों से बातचीत में भाजपा सरकार पर जमकर निशाना साधा और कहा कि बेटियों के साथ दुष्कर्म और अपराध की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं. पूरे देश में बेटियों पर अत्याचार बढ़ रहे हैं. उन्होंने कहा कि एनसीआरबी के आंकड़े बताते हैं कि दुष्कर्म के मामलों में राजस्थान देश में पहले नंबर पर है.
उन्होंने हाल ही में हुई कुछ घटनाओं का जिक्र करते हुए सवाल उठाया कि राजस्थान की पवित्र धरती पर बेटियां आखिर कब तक असुरक्षित रहेंगी. उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार सत्ता की राजनीति में व्यस्त है, जबकि कानून के तहत कठोर कार्रवाई और सजा सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी पूरी नहीं निभा रही है.
तीन माह में हो फैसले: उन्होंने कहा कि दुष्कर्म के मामलों की शीघ्र सुनवाई होनी चाहिए. जांच में विलंब से सबूत नष्ट होते हैं. ऐसे मामलों को फास्ट ट्रैक अदालतों में दिया जाना चाहिए, ताकि तीन माह में फैसला आ सके, लेकिन राजस्थान सरकार ऐसा नहीं कर रही. राजस्थान में डबल इंजन की सरकार में बेटियों को न्याय नहीं मिल रहा.
बेटियों की सुरक्षा की जिम्मेदारी उठाए समाज: लांबा ने कहा कि महिला कांग्रेस पीड़िता की न्याय की लड़ाई पूरी ताकत से लड़ेगी. उन्होंने समाज से भी अपील की कि डॉक्टर, वकील और आम नागरिक बेटियों की सुरक्षा की जिम्मेदारी उठाए. उन्होंने बताया कि इसी साल 11 हजार बेटियों के साथ जघन्य अपराध हुए हैं और वे आज भी अदालतों के चक्कर काट रही हैं. महिला नेता लांबा के साथ शहर जिला अध्यक्ष फतेह सिंह राठौड़, देहात जिला अध्यक्ष कचरूलाल चौधरी, पूर्व विधायक प्रीति शक्तावत समेत महिला कांग्रेस की कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद थी.




















