जयपुर: कांग्रेस के जवाहर बाल मंच के राष्ट्रीय शिविर ‘तितली’ का आज जयपुर की ज्ञान विहार यूनिवर्सिटी, जगतपुरा में आगाज हुआ. पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा, प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने झंडारोहण कर कार्यक्रम का आगाज किया. इस तीन दिवसीय शिविर में कई राज्यों से करीब 250 विद्यार्थी हिस्सा ले रहे हैं. इस दौरान मीडिया से बातचीत के दौरान गहलोत ने पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ को लेकर पूछे गए सवाल का जवाब भी दिया.
गहलोत ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि जवाहर बाल मंच एक अच्छी शुरुआत है. इससे नई पीढ़ी को अवसर मिलेगा. संविधान की मूल भावना के अनुरूप देश को समझने का मौका मिलेगा. कांग्रेस की विचारधारा, रीती-नीति और सिद्धांत के बारे में बच्चों को शुरुआत से ही जानकारी मिलेगी. इसके साथ ही इस शिविर में बच्चों में संस्कार को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया है. इससे आने वाले समय में मजबूत पीढ़ी तैयार होगी. बच्चों में नेतृत्व क्षमता का विकास होगा.
समाज के हर क्षेत्र को छूने की कोशिश: उन्होंने कहा कि इस शिविर का जो एजेंडा बनाया गया है. वह भी शानदार है. इसमें समाज के हर क्षेत्र को छूने की कोशिश की गई है. महात्मा गांधी के रचनात्मक कामों को तवज्जो देने पर भी जोर दिया गया है. बच्चों में अगर संस्कार विकसित होंगे तो आने वाले कल के लिए नई लीडरशिप भी डवलप होंगे. वह लीडरशिप ऐसी होगी. जो विचारधारा के आधार पर हो.
आजादी की लड़ाई को भुलाने की हो रही कोशिश: उन्होंने कहा कि इसके जरिए आने वाली पीढ़ी इतिहास को याद रखेगी. आजादी की लड़ाई में जो त्याग-बलिदान हुए हैं. उन्हें लोग भुलाने की कोशिश कर रहे हैं. बच्चों को यह याद दिलाना कि किस तरह आजादी की लड़ाई लड़ी गई थी. कैसे लोग फांसी के फंदे पर झूल गए और अंग्रेजों के राज में गोलियां खाई. कई लोग जेलों में बंद रहे. पंडित जवाहर लाल नेहरू भी नौ साल से ज्यादा जेल में बंद रहे. महात्मा गांधी भी जेल गए.
देशभर में होंगे ऐसे कार्यक्रम: उस पीढ़ी के त्याग-बलिदान की कहानियां जब इस पीढ़ी के सामने आएंगी तो ये भी संकल्प लेंगे कि इन्हें भी देश के लिए कुछ कर गुजरने के लिए तैयार रहना चाहिए. यह भावना हर देशवासी तक पहुंचे. उसका भी अपना महत्व है. यह जो प्रयोग किया गया है. हो सकता है उसका परिणाम आने में समय लगे. ऐसा नहीं है कि आज कुछ किया और तत्काल उसका परिणाम मिल जाए. उन्होंने कहा कि अभी 20 राज्यों में इस तरह के कार्यक्रम का आयोजन हो रहे हैं. धीरे-धीरे देशभर में ऐसे कार्यक्रम होंगे.
जगदीप धनकड़ को लेकर कही यह बात: उपराष्ट्रपति की शपथ ग्रहण समारोह में कांग्रेस के बहिष्कार पर उन्होंने कहा कि यह फैसला हाईकमान का है. पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनकड़ से जुड़े सवाल पर उन्होंने कहा, हम तलाश रहे थे, आखिरकार वो दिखाई दिए, राजस्थान के हैं, जब आएंगे तब बात करेंगे. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मणिपुर दौरे को लेकर गहलोत ने कहा कि यह केवल दिखावा है. जब उपद्रव हुआ था, पीएम को उस समय वहां जाना चाहिए, पर तब नहीं गए, अब जाकर सिर्फ दिखावा कर रहे हैं.
नेपाल में भारत को करना चाहिए था हस्तक्षेप: बिहार कांग्रेस के पीएम मोदी और उनकी मां पर बनाए गए एआई वीडियो पर गहलोत ने कहा कि मां पर बहस नहीं होनी चाहिए. इसके साथ ही नेपाल में चल रहे आंदोलन को लेकर उन्होंने कहा कि बड़ा पड़ोसी देश होने के नाते भारत सरकार को हस्तक्षेप करना चाहिए था. जिसमें हम नाकाम रहे.




















