जयपुर: बीते कुछ सालों में सोशल मीडिया पर ऐसे वीडियो अक्सर आने लगे हैं, जिसमें जिम में एक्सरसाइज कर रहे युवक को अचानक हार्ट अटैक आ गया. ऐसे डरावने वीडियो लोगों में जिम को लेकर भ्रांतियां पैदा करते हैं. चिकित्सक मानते हैं कि एक्सरसाइज से नहीं, बल्कि असली नुकसान फिटनेस और बॉडी बिल्डिंग के नाम पर गलत तरीके के सप्लीमेंट्स का इस्तेमाल करने से है.
प्रदेश के जाने माने हृदयरोग विशेषज्ञ डॉ. रवींद्र सिंह राव का कहना है कि हार्ट की इमरजेंसी बिना किसी चेतावनी के आती है, लेकिन इससे पहले शरीर इस बारे में संकेत जरूर देता है. कई बार सवाल उठता है कि क्या एक्सरसाइज के दौरान सप्लीमेंट्स का उपयोग किया जा सकता है तो ‘मैं इसके अगेंस्ट हूं. उनसे पूछता हूं कि उस सप्लीमेंट्स में क्या है, आपको जानकारी है’. उन्होंने कहा कि जो सप्लीमेंट्स बेचे जा रहे हैं, उस पर कोई रेगुलेटरी नहीं है. उसमें क्या मिलाया जा रहा है, इस बारे में किसी को पता नहीं है.
ये मुख्य कारण: डॉ. राव ने बताया कि बिना पर्याप्त तैयारी के हाई-इंटेंसिटी वर्कआउट, देर रात तक जागना, धूम्रपान और शराब की आदत हार्ट पर अतिरिक्त दबाव डालती है. इससे अचानक कार्डियक अरेस्ट का खतरा बढ़ जाता है. साथ ही कई बार लोगों को लगता है कि उनकी छाती में दर्द हो रहा है तो उसे गैस मान बैठते हैं. लोगों को समझना होगा कि क्या पहले कभी ऐसी दिक्कत उन्हें हुई है. इस तरह की दिक्कत उनके शरीर में नहीं हुई है तो निश्चित तौर पर यह हार्ट से जुड़ी बीमारी हो सकती है.
सप्लीमेंट्स का बढ़ता खतरा: आमतौर पर जिम में ट्रेनर युवाओं को जल्दी मसल्स बनाने को सप्लीमेंट्स की सलाह देते हैं. इनमें कई सप्लीमेंट्स अनरेग्युलेटेड होते हैं. इनमें ऐसे रसायन पाए जाते हैं, जो दिल और लिवर पर सीधा असर डालते हैं. डॉक्टरों के अनुसार, इन प्रोडक्ट्स में मौजूद हाई कैफीन, स्टेरॉयड और हार्मोनल कंपोनेंट्स से ब्लड प्रेशर अचानक बढ़ जाता है. इससे हार्ट अटैक का रिस्क कई गुना हो जाता है. कई मामलों में लिवर फेल्योर और किडनी डैमेज जैसी गंभीर समस्याएं भी सामने आई हैं.




















