जयपुर : राजस्थान की 16वीं विधानसभा का चौथा सत्र हंगामे और आरोप-प्रत्यारोप के बीच अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया. 9 दिनों के सत्र में मात्र 6 दिन कार्यवाही हो सकी, लेकिन विपक्ष और सत्ता पक्ष के टकराव के चलते जनहित से जुड़े मुद्दों पर चर्चा अधूरी रह गई.
विपक्ष के तीखे तेवरों और लगातार हंगामे के कारण सदन की गरिमा कई बार सवालों के घेरे में रही. विपक्ष ने आरोप लगाया कि सरकार जनता से जुड़े अहम मुद्दों पर चर्चा से बच रही है. वरिष्ठ पत्रकार एवं राजनीतिक विश्लेषक श्यामसुंदर शर्मा का कहना है कि सदन लोकतंत्र का मंदिर है और यहां पक्ष-विपक्ष दोनों की जिम्मेदारी है कि जनहित पर गंभीर चर्चा हो. लेकिन इस बार सत्र हंगामे की भेंट चढ़ गया.
निजता पर विवाद बने कैमरे : सत्र के दौरान सबसे बड़ा विवाद विधानसभा में अतिरिक्त कैमरे लगाए जाने को लेकर हुआ. कांग्रेस विधायकों ने इसे ‘जग्गा जासूस’ करार दिया और कहा कि इन कैमरों से सदन की कार्यवाही खत्म होने के बाद भी रिकॉर्डिंग जारी रहती है. नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने सवाल उठाया कि इन कैमरों की अनुमति ली गई या नहीं और किस मद से इन्हें लगाया गया.
विधानसभा अध्यक्ष का जवाब : विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि सदन लोकतंत्र का मंदिर है, यहां की अपनी मर्यादा और परंपराएं हैं. उन्होंने स्पष्ट किया कि कैमरों से केवल दृश्य रिकॉर्डिंग होती है, ऑडियो रिकॉर्डिंग नहीं. हाल ही में ‘वन नेशन, वन एप्लीकेशन’ के तहत पेपरलेस प्रणाली लागू की गई है और इसी के अंतर्गत तकनीकी अपग्रेडेशन हुआ है.
मंत्रियों ने विपक्ष पर खड़े किये सवाल : इस बीच विधानसभा में विपक्ष के रवैये को लेकर सरकार की ओर से भी तमाम सवाल खड़े किए गए. पीएचडी मंत्री कन्हैयालाल चौधरी ने एक्स पर लिखा कि राजस्थान विधानसभा में निष्क्रिय और दिशाहीन विपक्ष दिखा, जिसे मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने करारा जवाब देते हुए पूरी तरह बेनकाब किया.
सवाल-जवाब और विधेयकों का रिकॉर्ड : इस सत्र में कुल 10 विधेयक पारित किए गए और एक विधेयक वापस लिया गया. विधेयकों पर कुल 161 संशोधन प्रस्ताव आए, जिनमें से 115 प्रस्ताव स्वीकार किए गए. वहीं, पिछले सत्र की तुलना में इस बार भी पर्याप्त विधायी कार्य हुए, हालांकि विपक्ष की सहमति के बिना कई विधेयक पारित किए गए.
स्पीकर देवनानी ने बताया कि अब तक 91.5 प्रतिशत प्रश्नों के उत्तर विधानसभा को प्राप्त हुए हैं. चौथे सत्र में 3008 प्रश्न आए, जिनमें से 1237 तारांकित और 1770 अतारांकित प्रश्न थे. कुल 120 तारांकित प्रश्न सूचीबद्ध हुए, जिनमें से 53 पर मौखिक प्रश्नोत्तर हुआ. वहीं प्रक्रिया नियम-131 के तहत 437 ध्यानाकर्षण प्रस्ताव आए, जिनमें से 78 प्रतिशत का उत्तर प्राप्त हुआ. वहीं, नियम-295 के अंतर्गत आए 95 विशेष उल्लेख प्रस्तावों में से 94 प्रतिशत के जवाब मिले.
मानसून सत्र की मुख्य बातें :-
- कार्यवाही के 6 दिन में 10 विधेयक पारित
- कुल प्रश्न – 3008
- उत्तरित प्रश्न – 91.5%
- ध्यानाकर्षण प्रस्तावों के जवाब – 78%
- विशेष उल्लेख प्रस्तावों के जवाब – 94%




















