जयपुर : नेपाल हिंसा और अशांति की आग में जल रहा है. बड़ी चिंता की बात है कि इस संकट के बीच राजस्थान के हजारों लोग नेपाल में फंसे हैं. इनमें जयपुर और आसपास के गांवों के करीब 200 यात्री भी शामिल हैं. ये 28 अगस्त को तीन धाम यात्रा पर निकले थे. नेपाल में फंसे राजस्थानी नागरिकों की सुरक्षा को लेकर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने काठमांडू स्थित भारतीय दूतावास से बात की. सीएम भजनलाल ने बुधवार अलसुबह केंद्र सरकार की नेपाल को लेकर जारी एडवाइजरी को X पर पोस्ट किया और लिखा कि राजस्थानियों की सुरक्षा को लेकर सरकार चिंतित है. मैंने काठमांडू स्थित भारतीय दूतावास से वहां के मौजूदा हालात की जानकारी ली है.
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने X पोस्ट में लिखा कि नेपाल में हुई हिंसा हृदय विदारक है. वहां उत्पन्न परिस्थितियों को देखते हुए हमारी सरकार वहां फंसे राजस्थानी नागरिकों की सुरक्षा को लेकर चिंतित है. मैंने काठमांडू स्थित भारतीय दूतावास से संपर्क कर वहां की वर्तमान परिस्थितियों की जानकारी ली है.नेपाल में रह रहे सभी प्रवासी राजस्थानियों से अपील है कि काठमांडू स्थित भारतीय दूतावास के सतत संपर्क में बने रहें और भारत सरकार से जारी एडवाइजरी का पालन अवश्य करें.भारत सरकार प्रत्येक देशवासी की सुरक्षा तथा सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने हेतु पूर्णत: प्रतिबद्ध है.
नेपाल में हालात बिगड़े: बता दें कि नेपाल में हिंसक प्रदर्शनों से हालात बिगड़ गए हैं. प्रदर्शनकारियों ने संसद, पीएम, राष्ट्रपति के निजी आवास में आग लगा दी और सुरक्षा बलों से उनके हथियार छीन लिए. उन्होंने 3 पूर्व पीएम के घर पर हमला भी किया. पूर्व पीएम झालानाथ खनाल के घर में आग लगा दी. इसमें उनकी पत्नी राजलक्ष्मी चित्रकार गंभीर रूप से जल गईं. उन्हें तुरंत कीर्तिपुर बर्न अस्पताल ले जाया गया, जहां उनकी मौत हो गई. उधर, पूर्व प्रधानमंत्री शेर बहादुर देउबा को घर में घुसकर पीटा, जबकि वित्त मंत्री विष्णु पौडेल को काठमांडू में घर के पास दौड़ा-दौड़ाकर मारा गया. देश में जारी हिंसक हिंसक घटनाओं के बीच प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने इस्तीफा दे दिया. सेना का एक हेलिकॉप्टर उन्हें सुरक्षित जगह ले गया. राजधानी काठमांडू और आसपास के इलाकों में झड़पों और आगजनी में अब तक 22 लोग मारे जा चुके हैं, जबकि 400 से ज्यादा लोग घायल हैं.




















