अजमेर: उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी ने कहा कि राजस्थान में पूर्व में इस तरह की बरसात नहीं हुआ करती थी. अब ज्यादा बरसात होने लगी है. ऐसे में पूरे प्रदेश में ड्रेनेज सिस्टम की कार्य योजना बनेगी. बता दें कि अजमेर के निकट बोराज गांव के तालाब की पाल टूटने से स्वास्तिक नगर में आई त्रिसादी के पांच दिन बाद सोमवार को उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी हालातों का जायजा लेने क्षेत्र में पहुंची. क्षेत्र में एक किलोमीटर पैदल चलकर कई घरों में जाकर उन्होंने वास्तविक हालात देखे. साथ ही पीड़ितों से उन्होंने बातचीत कर राहत और सहायता के बारे में जानकारी ली.
दीया कुमारी अजमेर की प्रभारी मंत्री भी हैं. उन्होंने सोमवार को अजमेर पहुंच कर सर्किट हाउस में अधिकारियों से बारिश के बाद का हालात जाना. उसके बाद उपमुख्यमंत्री स्वास्तिक नगर पहुंची, जहां पीड़ितों के घरों के हालात देखे और पीड़ितों से बातचीत की. क्षेत्र की महिलाओं ने उन्हें नुकसान के बारे में बताया. मीडिया से बातचीत में दीया कुमारी ने कहा कि तालाब की पाल टूटने से पानी के तेज बहाव के कारण स्वास्तिक नगर के घरों को काफी नुकसान हुआ है.
वहीं, घर का सामान भी खराब हो गया है. उन्होंने कहा कि प्रशासन ने क्षेत्र में लोगों को हुए नुकसान को लेकर सर्वे पूरा कर लिया है. उपमुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार संवेदनशील है. सभी पीड़ितों को उचित मुआवजा मिलेगा. इसके अलावा जरूरत पड़ी तो जन सहभागिता से भी पीड़ितों को सहायता दी जाएगी. उपमुख्यमंत्री ने बातचीत में प्रशासन की तारीफ की. उन्होंने कहा कि प्रशासन समय रहते लोगों को सुरक्षित स्थान पर भेज दिया था. इस कारण यहां कोई जनहानि नहीं हुई. उसके बाद भी प्रशासन लगातार राहत कार्य में लगा हुआ है.
प्रदेश भर में ड्रेनेज सिस्टम की बनेगी कार्य योजना : उन्होंने कहा कि प्रदेश में पहले इतनी बारिश नहीं हुआ करती थी. पहली बार इतनी बारिश प्रदेश में हुई है, जिससे ड्रेनेज सिस्टम गड़बड़ा गया है. उन्होंने बताया कि ज्यादा बारिश को देखते हुए पूरे प्रदेश में ड्रेनेज सिस्टम की योजना तैयार की जाएगी. ड्रेनेज सिस्टम को बेहतर करने की शुरुआत करनी होगी. दीया कुमारी ने पूर्व सीएम अशोक गहलोत के बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि कांग्रेस सरकार के पांच साल में वे यहां कितनी बार आए.
पांच दिन में आए यह नेता : बोराज तालाब की पाल टूटने से स्वास्तिक नगर में तेज बहाव से आई बाढ़ में सैकड़ों परिवार मदद के लिए मोहताज हो गए हैं. हालांकि, प्रशासन की ओर से उन्हें भोजन, पानी, दवाइयां उपलब्ध करवाई जा रही हैं. इस बीच क्षेत्र के विधायक और राजस्थान में विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने क्षेत्र में ज्यादा प्रभावित परिवार के लोगों को राहत पैकेज देने की घोषणा की. वहीं, पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत भी क्षेत्र में आकर पीड़ितों से मिले. गहलोत के सर्वे पर सवाल उठाए जाने के बाद प्रदेश की उपमुख्यमंत्री भी सोमवार को अजमेर पहुंची और मौके पर पहुंच कर हालातों का जायजा लिया.
दूसरी बार हुआ सर्वे : बोराज गांव के तालाब की पाल टूटने के बाद प्रशासन की ओर से सर्वे किया गया था, जिसमें 240 घरों को चिन्हित कर उनमें हुए नुकसान का आकलन किया गया था. जिसमें 56 मकान में फर्श, चार दीवारी, नींव में नुकसान हुआ है. 168 मकानों में घरों में राशन सामग्री का नुकसान हुआ है. 205 घरों में बिजली के उपकरण पानी से बर्बाद हो गए हैं. क्षेत्र में 10 मकान बंद हैं, जिनका सर्वे नहीं हो पाया है.
वहीं, 20 मकानों में कोई नुकसान नहीं है. पहला सर्वे को लेकर अजमेर में पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सवाल उठाए, तब प्रशासन ने आनन-फानन में दोबारा से सर्वे किया. इसके लिए अजमेर तहसील में 13 टीमें लगाई गईं. एक ही दिन में 253 मकानों का सर्वे भी कर लिया गया. हालांकि, दूसरे सर्वे को अभी प्रशासन ने सार्वजनिक नहीं किया है.




















