जयपुर: राजस्थान विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान सोमवार को यूरिया खाद की आपूर्ति का मुद्दा गूंजा. इसके साथ ही प्रश्नकाल में रीको औद्योगिक क्षेत्र में गैर-औद्योगिक उपयोग और विमंदित गृह में हुई मौतों के मुद्दे पर पक्ष-विपक्ष में हल्की नोकझोंक हुई. कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने प्रदेश में नकली यूरिया पर की गई छापेमारी की जानकारी दी, तो नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने सत्ता पक्ष को घेरते हुए कहा कि छापेमारी हुई, नकली खाद भी पकड़ा गया, लेकिन कितने आरोपियों को जेल की सलाखों के पीछे भेजा गया? इसके जवाब में कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने कहा कि दो बड़ी कंपनियों के गोदाम सील किए गए हैं. इस वक्त राजस्थान के किसी जिले में यूरिया की कोई कमी नहीं है.
प्रश्नकाल के दौरान चूरू में यूरिया खाद की आपूर्ति को लेकर विधायक पूसाराम गोदारा ने सवाल उठाया. उन्होंने कहा कि जवाब तो मिला, लेकिन आपूर्ति और आवंटन को लेकर सरकार ने गलत जानकारी दी है. इस पर मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने कहा कि इस बार बारिश से यूरिया की डिमांड बढ़ गई है. ये बात सही है कि हम 2 हजार मीट्रिक टन यूरिया ज्यादा दे रहे हैं. DAP में जरूर कमी है, उसका कारण अंतरराष्ट्रीय है. रूस और यूक्रेन युद्ध एक कारण है. चीन से हम नहीं मंगवा पाए. यूरिया भरपूर है. किसी प्रकार की कमी चूरू जिले में नहीं है. कालाबाजारी हो रही है तो हम कार्रवाई करेंगे. विजिलेंस की टीम हमने बना दी है.
विधायक का आरोप, कार्रवाई पर पर्दा डाला: विधायक पूसाराम गोदारा ने कहा कि मंत्री ने नकली खाद की फैक्ट्री पकड़ी, लेकिन लगता है कि कार्रवाई पर पर्दा डाल दिया गया. दोषियों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई. इस पर मंत्री किरोड़ी ने कहा कि हमने 117 औचक निरीक्षण किए. कांग्रेसराज में एक भी नहीं किया गया, 64 एफआईआर दर्ज की गई. एक वर्ष में स्पेशल अभियान चलाकर 423 नमूने एकत्रित किए. कांग्रेस राज में एक भी नहीं किए गए. इस बीच नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कहा कि कितने लोग सलाखों के पीछे गए? एक भी नहीं गया. जवाब में मंत्री मीणा ने कहा कि दो बड़ी कंपनियों के गोदाम सील किए गए हैं. सीएम खुद केंद्रीय मंत्रियों से इस बारे में मिले हैं. हमें विपक्ष का भी साथ चाहिए. मंत्री मीणा ने कहा कि किसी भी जिले में यूरिया की कोई कमी नहीं है, डीएपी की थोड़ी कमी है. हम कालाबाजारी करने वालों को छोड़ेंगे नहीं.
ये भी सवाल-जवाब हुए: उधर, रीको औद्योगिक क्षेत्र में गैर-औद्योगिक उपयोग को लेकर विधायक गुरवीर सिंह ने सवाल किया. इसके जवाब में उद्योग मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने कहा कि रीको के पास दो तरह की जमीन है, एक तो खुद डेवलप करता है, दूसरी है हस्तांतरित जमीन. औद्योगिक क्षेत्र में 15 प्रतिशत का ही गैर-औद्योगिक उपयोग होगा. राठौड़ ने कहा कि ये पहले रीको ने निर्देश दिए थे, अब हम नया एक्ट लेकर आए हैं, जो प्रवर समिति के पास है. जल्द वो एक्ट बनेगा तो सारी समस्या दूर होगी.
छह दिन तक क्यों नहीं हुआ अंतिम संस्कार: सदन में जामडोली के विमंदित गृह में हुई मौतों को लेकर विधायक रफीक खान ने सवाल किया. सवाल था कि पिछली बीजेपी सरकार में ऐसा हुआ था और अब एक बच्ची की मौत हो गई. छह दिन तक क्यों अंतिम संस्कार नहीं हो पाया? इस पर सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री अविनाश गहलोत ने जवाब दिया कि विमंदित गृह में ऐसे दिव्यांग रहते हैं, जिनकी इम्यूनिटी पावर कम रहती है. जैसे ही मृत्यु हुई, पुलिस में रिपोर्ट दे दी गई थी. पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया. बहत्तर घंटे का नियम है, अंतिम संस्कार में देरी का कारण तकनीकी कारण रहे हैं. इसके बाद रफीक खान ने कहा, अंतिम संस्कार में देरी के कारण तकनीकी हैं तो फिर अधीक्षक को क्यों निलंबित किया? मंत्री अविनाश गहलोत ने कहा कि रिपोर्ट के आधार पर निलंबित किया गया.
जनजाति विकास कोष के तहत स्वीकृति का मुद्दा: सदन में जिला बांसवाड़ा में जनजाति विकास कोष के तहत स्वीकृत कार्य को लेकर विधायक अर्जुन बामनिया ने सवाल किया. बामनिया ने कहा कि 102 काम स्वीकृत हुए हैं, वे कब तक पूरे होंगे? जनजाति मंत्री बाबूलाल खराड़ी ने कहा कि आपके क्षेत्र के कामों की जांच कर रहे हैं. दो-चार महीनों में काम हो जाएंगे. इस पर बामनिया ने कहा कि 4 महीने बाद फिर विधानसभा का सत्र होगा, फिर क्या बोलोगे? इसके बाद नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कहा कि प्रक्रिया पूछी गई है, आपने नहीं बताई? समय सीमा बता दो कब तक काम पूरा करोगे? जूली ने कहा कि इस बजट में 1500 करोड़ का बजट दिया है, उसमें कितना खर्च हुआ है? इस पर मंत्री ने कहा कि 102 काम चल रहे हैं. इस पर नेता प्रतिपक्ष जूली बोले, ‘हमारे सवाल का जवाब नहीं आया.’
विपक्ष का आरोप राज्य में माफिया कानून: राजस्थान विधानसभा में सोमवार को शून्यकाल के दौरान विपक्ष ने प्रदेश की कानून-व्यवस्था को लेकर सरकार पर जोरदार हमला बोला. विपक्षी विधायकों ने अपने-अपने क्षेत्रों से अवैध खनन, महिला सुरक्षा, पुलिस की मिलीभगत और हत्या के मामलों को उठाते हुए सरकार को घेरा. नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने राज्य में माफियाओं के बढ़ते प्रभाव पर चिंता जताते हुए कहा कि माफियाओं का कानून चल रहा है, सरकार कहां है? इस पर सदन में हंगामा शुरू हो गया और विधानसभा अध्यक्ष को पीएसी बैठक में मामले पर चर्चा का आश्वासन देना पड़ा.
विधायकों ने उठाए ये प्रमुख मुद्दे: भीनमाल के विधायक समरजीत सिंह ने जालोर में अवैध खनन और पुलिस-माफिया गठजोड़ का आरोप लगाया. चौमूं की विधायक शिखा बराला ने जयपुर को महिलाओं के लिए असुरक्षित शहर बताया. उन्होंने आरोप लगाया कि लोकसभा अध्यक्ष के निजी सचिव तक मानव तस्करी के आरोप से घिरे हैं. विधायक ने कहा कि जो सरकार महिलाओं की सुरक्षा नहीं दे सकती, वह कल्याणकारी नहीं हो सकती. नीमका थाना के विधायक सुरेश मोदी ने हत्या एक मामले में आरोपी के आडियो सबूत मिलने के बावजूद पुलिस की निष्क्रियता पर सवाल उठाए. इसी प्रकार ओसियां विधायक भैराराम सियोल ने लवजिहाद, छबड़ा विधायक प्रतापसिंह सिंघवी ने रक्तदान संबंधी और सूरसागर विधायक देवेंद्र जोशी ने पाक विस्थापितों की नागरिकता संबंधी मुद्दे उठाए.




















