जयपुर: विधानसभा में सोमवार दोपहर दो बजे भोजनावकाश के बाद कार्यवाही शुरू होते ही कांग्रेस विधायक कानून-व्यवस्था पर चर्चा की मांग लेकर वेल में आकर नारेबाजी करने लगे. इसी बीच विधानसभा स्पीकर वासुदेव देवनानी ने राजस्थान मत्स्य क्षेत्र संशोधन विधेयक 2025 पर चर्चा शुरू करा दी, लेकिन शिव से निर्दलीय विधायक रविंद्र सिंह भाटी और सादुलपुर से विधायक मनोज न्यांगली ही इस पर विचार रख पाए.
इसी दौरान कांग्रेस का हंगामा जारी रहा. स्पीकर ने कांग्रेस विधायकों को अपनी सीट पर जाकर चर्चा में भाग लेने की बात कही, लेकिन विपक्षी विधायक कानून-व्यवस्था पर चर्चा की मांग पर अड़े रहे. इसके बाद स्पीकर ने संशोधन विधेयक को ध्वनिमत से पारित कर दिया. विधानसभा स्पीकर वासुदेव देवनानी ने हल्ला कर रहे कांग्रेस विधायकों से कहा कि राजस्थान मत्स्य क्षेत्र संशोधन विधेयक महत्वपूर्ण बिल है. अपने सीटों पर जाइए. नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कहा कि निवेदन है कि एक दिन कानून-व्यवस्था पर चर्चा करवा दीजिए.
कांग्रेस का रवैया उनकी संस्कृति का संकेत: इस बीच संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल ने कहा कि राजस्थान की 8 करोड़ जनता कांग्रेस विधायकों के व्यवहार को देख रही है. विधानसभा की परंपरा और बिना कारण वेल में आकर पर्चे लटकाना और एक दूसरे का विरोध करना जनता देख रही है. कांग्रेस का किसी भी मुद्दे पर न कोई विजन है और न कोई काम एवं न कोई मुद्दा है. यह खाली हो हल्ला करते हैं.
इससे पता चलता है कि कांग्रेस की संस्कृति क्या है. इसके बाद संसदीय कार्य मंत्री पटेल सहित तमाम भाजपा विधायक कांग्रेस हाय हाय के नारे लगाने लगे. हंगामा बढ़ते देख स्पीकर ने कार्यवाही पहले दोपहर 3 बजे और फिर चौथी बार शाम चार बजे तक स्थगित कर दी. कार्यवाही स्थगित होने के बाद भी कांग्रेस विधायक वेल में बैठे रहे.




















