कोटा: कांग्रेस पार्टी प्रदेश सरकार के खिलाफ बड़ा प्रदर्शन करने जा रही है. यह प्रदर्शन 10 सितंबर को कोटा में आयोजित होगा. इसे लेकर आज कांग्रेस के नेताओं ने पत्रकारों से रूबरू होकर पूरे आंदोलन की जानकारी दी. उन्होंने प्रदेश सरकार पर बाढ़ पीड़ितों को राहत न देने, कानून व्यवस्था चौपट होने, वोट चोरी और अन्य मुद्दों पर गंभीर आरोप लगाए.
कानून व्यवस्था पूरी तरह से चरमराई: पूर्व विधायक प्रहलाद गुंजल ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि प्रदेश की कानून व्यवस्था पूरी तरह से चौपट हो चुकी है. उन्होंने कहा, “यहां सरकार जैसी कोई बात ही नहीं है. न तो प्रशासन ठीक से काम कर रहा है और न ही जनप्रतिनिधि लोगों के बीच राहत लेकर जा रहे हैं.”
कोटा और बूंदी में बाढ़ से भारी तबाही: प्रहलाद गुंजल ने बताया कि कोटा और बूंदी जिले में बाढ़ से काफी नुकसान हुआ है. कई गांव तबाह हो गए हैं. लोगों के घरों में रखा राशन बह गया है. बड़ी संख्या में लोग बेघर हो गए हैं. उन्होंने कहा कि “कोटा और बूंदी के गांव में तो करोड़ों रुपए का नुकसान हुआ है, लेकिन इसके बावजूद भारतीय जनता पार्टी की सरकार के जनप्रतिनिधि प्रभावित इलाकों में जाकर राहत देने की बजाय फोटो खिंचवाने में लगे हैं. बाढ़ आने के 10 दिन बाद भी लोगों को कोई राहत नहीं मिली है.” उन्होंने यह भी कहा कि मौजूदा आपदा राहत के प्रावधान “ऊंट के मुंह में जीरे के बराबर” हैं। कांग्रेस हाड़ौती क्षेत्र के लिए विशेष पैकेज की मांग कर रही है ताकि लोगों को वास्तविक राहत मिल सके।
शादी-ब्याह पर संकट, राशन तक नहीं: गुंजल ने कहा कि देवउठनी के मौके पर लोग अपने परिवार में शादी-ब्याह करना चाहते हैं, लेकिन ऐसे हालात हैं कि घरों में राशन तक नहीं है. सब कुछ बाढ़ में बह गया है और लोग भारी संकट में जी रहे हैं. प्रहलाद गुंजल ने आरोप लगाया कि निमोदा गांव में तालाब के वेस्ट वियर पर बीजेपी कार्यकर्ता और ठेकेदार ने अवैध रूप से जाली लगा रखी थी. “इसी वजह से बाढ़ गांव में आई. इस पर कोई कार्रवाई नहीं की गई, अगर यह बाढ़ रात में आती तो पूरा गांव डूब जाता. लोगों के मवेशियों की भी क्षति हुई है. लोग अपनी जान तो बचा सके, लेकिन अपना सामान नहीं बचा पाए.”
वोट चोरी का मुद्दा: गुंजल ने कहा कि आम आदमी का सबसे बड़ा अधिकार वोट है, जिस पर भी डाका डाला जा रहा है. उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक तरफ ‘एक पेड़ मां के नाम लगाओ’ की बात करते हैं, लेकिन दूसरी तरफ असम से लेकर जैसलमेर तक उनके अपने मित्रों के नाम काटे जा रहे हैं.
स्मार्ट मीटर पर विरोध: जिलाध्यक्ष शहर रविंद्र त्यागी ने कहा कि संविधान की संस्थाओं का दुरुपयोग किया जा रहा है. उन्होंने बताया कि वोट चोरी की शुरुआत कोटा दक्षिण से 2008 में हुई थी, जब कांग्रेस से रामकिशन वर्मा ने चुनाव लड़ा था. जिला अध्यक्ष देहात भानु प्रताप सिंह ने स्मार्ट मीटर को एक तरह का धोखा बताया. उन्होंने कहा कि “लोगों को प्रीपेड स्मार्ट मीटर थोड़े दिनों में लगा दिए जाएंगे, लेकिन हम इसका विरोध कर रहे हैं और इसे लगने नहीं देंगे.”
कूच और जनसभा की तैयारी: कांग्रेस प्रत्याशी मनोज राजोरिया ने बताया कि तालाब के बल पर कोटा जिले के शहर और देहात के कार्यकर्ता किशोर सागर तालाब की पाल पर इकट्ठा होंगे. यहां से महाराज अग्रसेन, विवेकानंद सर्किल और नवल सर्कल होते हुए कलेक्ट्रेट तक कूच किया जाएगा. इसके बाद सर्किट हाउस रोड पर जनसभा होगी, जिसमें वरिष्ठ नेता शामिल होकर लोगों को संबोधित करेंगे.
शांति धारीवाल समेत अन्य नेताओं के शामिल होने के सवाल पर प्रहलाद गुंजल ने कहा कि जिला अध्यक्ष रविंद्र त्यागी ने उन्हें सूचना दी है कि विधानसभा सत्र चल रहा है, इसलिए कुछ नेता शामिल नहीं हो पाएंगे, लेकिन उन्होंने स्पष्ट कहा कि पूरी कांग्रेस एक है. “दोनों जिला अध्यक्ष यहां बैठे हैं, इसके अलावा सभी नेता भी एक साथ हैं और पूरे मन से आंदोलन में शामिल हैं.”




















