बीकानेर: भाद्रपद शुक्ला पूर्णिमा पर आज रविवार को सम्पूर्ण भारत में चंद्र ग्रहण दिखाई देगा. बीकानेर के पंचांगकर्ता पंडित राजेंद्र किराडू ने जानकारी दी कि ग्रहण का स्पर्श रात 9:57 बजे होगा और इसका मोक्ष यानी समाप्ति देर रात 1:27 बजे होगी. भारतीय गणना अनुसार इसका सूतक काल दिन में 12:57 बजे से प्रारंभ हो जाएगा. उन्होंने बताया कि यह चंद्र ग्रहण भारत समेत एशिया, यूरोप, ऑस्ट्रेलिया, अफ्रीका, अंटार्कटिक और हिन्द महासागर क्षेत्र में भी दृष्टिगोचर होगा.
क्या करें ग्रहण काल में: पंडित किराडू के अनुसार ग्रहण काल को धार्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना गया है. इस दौरान श्राद्ध, हवन, जप और तर्पण करने से पूर्वज प्रसन्न होते हैं और घर-परिवार पर आशीर्वाद बना रहता है. धार्मिक ग्रंथों का पाठ करने से मन को शांति और सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त होती है. ग्रहण समाप्त होने के बाद स्नान करना चाहिए और अपनी सामर्थ्य अनुसार खाद्यान्न का दान करना शुभ माना जाता है. पंडित किराडू ने कहा कि जो लोग रोग और शारीरिक कष्ट से पीड़ित हैं, उन्हें इस समय घी का दान अवश्य करना चाहिए.
हवन और मंत्र जाप का महत्व: किराडू ने बताया कि ग्रहण का सूतक काल 12 घंटे पहले प्रारंभ हो जाता है. हालांकि ग्रहण के दौरान नित्य पूजा-पाठ करने वाले लोग बिना किसी चिंता के पूजा कर सकते हैं. शास्त्रों में इसका कोई निषेध नहीं है, बल्कि यह माना जाता है कि पूजा, हवन और जप ग्रहण के दुष्प्रभाव को कम करते हैं. उन्होंने कहा कि इस दौरान विशेष रूप से “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” का जाप करना चाहिए. इससे नकारात्मक ऊर्जा का नाश होता है और सकारात्मकता में वृद्धि होती है.




















