जोधपुर: राज्य विधानसभा में बुधवार को शून्यकाल में विपक्ष के विधायकों ने कई मामले उठाए. इस दौरान झालावाड़ जिले में स्कूल भवन की छत गिरने का मामला उठाया, जिस पर जोरदार हंगामा हुआ. विपक्ष के नेता टीकाराम जूली ने इस मामले में सरकार की कार्रवाई पर नाराजगी जताई. इसके बाद हंगामा हुआ. विपक्ष के लोग सरकार के खिलाफ नारे लगा रहे थे. वहीं, सरकार के विधायकों ने ‘राहुल गांधी शर्म करो’ के नारे लगाए. हंगामा बढ़ने पर विधानसभा कार्यवाही स्थगित कर दी गई.
खानपुर विधायक सुरेश गुर्जर ने झालावाड़ के मनोहर थाना तहसील के पीपलोदी में 25 जुलाई को एक स्कूल के छत गिरने से सात बच्चों की मौत का मामला उठाया. उन्होंने कहा कि इस घटना ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है. यह हादसा शिक्षा विभाग की लापरवाही का परिणाम है, क्योंकि स्कूल की इमारत कई वर्षों से जर्जर थी. गांव वाले लंबे समय से स्कूल भवन की मरम्मत की मांग कर रहे थे, लेकिन स्थानीय प्रशासन ने इस पर ध्यान नहीं दिया.
आश्चर्य की बात है कि स्कूलों की सूची में इस भवन का नाम नहीं था. प्रदेश के मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री ने वहां जाने का साहस तक नहीं जुटाया. शिक्षा मंत्री तो चुपके से मध्य प्रदेश के रास्ते निजी अस्पताल गए थे. स्कूल की छत गिरना दुर्घटना नहीं, हमारी व्यवस्था की पोल खोलने वाली घटना है. इसके लिए बच्चों को बलिदान देना पड़ा. विपक्ष नेता टीकाराम जूली ने इस मामले को लेकर सरकार की कार्रवाई पर आक्रोश जताते हुए कहा कि यह सिस्टम द्वारा बच्चों की हत्या है. इसको लेकर काफी हंगामा हुआ.
पीड़ितों को ही जेल में डाल दिया पुलिस ने : मावली विधायक पुष्कर सिंह डांगी ने शून्य काल में डबोक थाना क्षेत्र में नाबालिग के साथ हुए दुष्कर्म का मामला उठाते हुए कहा कि थाने से 500 मीटर दूर अवैध शराब की दुकान से नशा करने के बाद 8 साल के बच्चे के साथ दुष्कर्म किया गया. रात को 12:00 बजे उसके परिवार के लोग अस्पताल लेकर गए. सुबह परिवार के लोगों ने थाने के बाहर प्रदर्शन किया, न्याय की मांग की, लेकिन 1:00 बजे तक प्रशासन ने कोई जवाब नहीं दिया. कुछ लोग थे जो आक्रोषित होकर पुलिस के ऊपर पथराव करने लगे. इसमें कुछ वाहन भी टूटे, लेकिन इस मामले में परिवार के 39 लोग, जिनकी कोई गलती नहीं थी, उनको जेल में डाल दिया गया. 10 दिन से वह लोग जेल में बंद हैं. विधायक ने कहा कि थाने से 500 मीटर दूर अवैध दुकान चल रही थी. उसके लिए जिम्मेदार कौन है. निर्दोष 39 लोगों को जेल में डाल दिया गया. इस मामले में दोषी अधिकारियों के खिलाफ जांच कर कार्रवाई होनी चाहिए.
सुजानगढ़ में बीमारियों के फैलने का खतरा : सुजानगढ़ विधायक मनोज मेघवाल ने सुजानगढ़ क्षेत्र में हो रही अतिवृष्टि के चलते फसलों के खराबी का मामला उठाया. उन्होंने कहा कि इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि यह एफसीआई गोदाम में 7 फीट पानी भरा हुआ है. 1 लाख 80 हजार अनाज की बोरियां पानी में डूबी हुई हैं. पूरे क्षेत्र में बदबू आ रही है. लोग बीमार हो जाएंगे. आज 10 दिन बाद भी स्कूल-कॉलेज सब पानी से भरे हुए हैं. पानी निकासी के नाम पर कोई काम नहीं हो रहा है.
आपदा विभाग कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है. जल्दी ही काम नहीं हुआ तो बीमारियां फैल जाएंगी. पानी निकासी के लिए कोई मंत्री नहीं आया, कोई अधिकारी नहीं आया. जयपुर से कोई टीम नहीं पहुंची है. संसाधन भी नहीं लगाए गए हैं. सरकार को चाहिए कि इस मामले पर तुरंत सरकार एक्शन ले. शहर का पानी निकाल कर 80 करोड़ की ड्रेनेज योजना जो स्वीकृत हो रखी है, उसका वर्क ऑर्डर हो रखा है, लेकिन सरकार ने रोक दिया. समय पर काम होता तो आज यह स्थिति नहीं देखने को मिलती. जलभराव की स्थिति नहीं होती. विधायक ने प्रदेश भर में किसानों के लिए गिरदावरी करवानी चाहिए.
पाक विस्थापितों के लिए भूखंड देने की मांग : चौहटन विधायक आदुराम मेघवाल ने सीमावर्ती क्षेत्र में बरसों से रह रहे पाक स्थापितों के लिए आवास और भूखंड का मामला उठाया. विधायक ने कहा कि बटवारा होने के बाद बड़ी संख्या में लोग इस तरफ आए थे. मेरी विधानसभा क्षेत्र में बड़ी संख्या में लोग गोचर और अन्य जमीन पर रह रहे हैं. मेरी सरकार से मांग है कि उनके लिए भूखंड और आवास की व्यवस्था करें और उनके लिए आवश्यक सुविधा भी उपलब्ध करवाई जाए.
सरकार ने बढ़ा दी असंतुलित कीमत : जैसलमेर विधायक छोटू सिंह ने जैसलमेर जिले में भूमिहीन लोगों के लिए जमीन आवंटन के मामला उठाया. उन्होंने कहा कि सरकार ने जून माह में प्राप्त आवेदनों के अनुसार आवंटन किया जाए, लेकिन प्रक्रिया शुरू होते ही भूमि उपनिवेशन विभाग ने प्रति मुरब्बा एक लाख से बढ़ा कर 12 से 35 लाख कर दी, जो सरकार की नीति के विरुद्ध है. मेरी मांग है कि सरकार ऐसे अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करे और इस आदेश को वापस ले.




















