जयपुर: प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने आरोप लगाया है कि भजनलाल सरकार आरएसएस के दबाव और उसे खुश करने के लिए 3000 प्रिंसिपल की तबादला सूची जल्द जारी करेगी. डोटासरा बोले कि एक-दो दिन में तबादला सूची आने वाली है. इसके जरिए संघ को खुश किया जाएगा. डोटासरा ने सोमवार को प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में मीडिया से बातचीत में कहा कि 3000 प्रिंसिपल के तबादलों की सूची मुख्यमंत्री कार्यालय और मंत्री के घर के चक्कर लगा रही है. राजनीतिक द्वेषता में ये सब किया जा रहा है. राजस्थान में एक अलबेला शिक्षा मंत्री है, जो देश में ऐसा दूसरा कोई उदाहरण नहीं होगा. स्कूल बंद है और 3 महीने तक वाइस प्रिंसिपल से प्रिंसिपल की डीपीसी का पदस्थापन काउंसलिंग के माध्यम से नहीं करवा पा रहे हैं. 500 के लगभग टीचर रिटायर हो गए और वो प्रिंसिपल नहीं बन पाए.
डैमेज कंट्रोल के लिए संवाद: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के सांसद और विधायकों से संवाद पर डोटासरा बोले, जो पर्चियां बदलने का शीघ्रता के साथ खेल होने वाला है, उस डैमेज को कंट्रोल करने की दिशा में ही ये लोग काम कर रहे हैं. मुख्यमंत्री को राजनीतिक दलों को बुलाकर पूछना चाहिए कि अतिवृष्टि में आपके यहां क्या तकलीफ है, सरकार को क्या करना चाहिए, आपके क्या सुझाव हैं. ये अकेले बैठकर ही काम चला लेंगे. डोटासरा ने दावा किया कि भाजपा सरकार का अंतर्विरोध भयंकर रूप से सामने आएगा. यह कलह सरकार की पर्चियां बदलने में सहायक होगी.
विधानसभा में सरकार को घेरेंगे: डोटासरा ने कहा कि 1 सितंबर से शुरू होने जा रहे विधानसभा सत्र में हम नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली के नेतृत्व में सरकार को घेरेंगे. पूछेंगे कि विद्यालयों में बच्चों की मौत हो रही है, आप क्या कर रहे हो. पूछेंगे कि पंचायत चुनाव क्यों नहीं करा रहे. चुनाव आयोग और आपके बीच में ऐसा क्या है कि आमने-सामने हो गए. परिसीमन कार्य 4 जून तक पूरा होने की डेडलाइन सरकार ने दी थी, उसका शेड्यूल अभी तक नहीं बदला और न ही आज तक गजट नोटिफिकेशन जारी किया. सितंबर आने वाला है और ओबीसी राजनीतिक प्रतिनिधित्व आयोग ने 3 महीने का और समय मांगा है कि हम अभी रिपोर्ट नहीं दे सकते हैं तो फिर चुनाव कैसे होंगे?
मंत्री कैसे देंगे अतिवृष्टि की रिपोर्ट: पीसीसी चीफ ने कहा कि प्रदेश में अतिवृष्टि के हालात हैं. 10 से 12 जिलों में बाढ़ के हालात हैं. मुख्यमंत्री कहीं हवाई दौरे पर नहीं गए. केवल सांगानेर में एक दिन रील बनाने गए. वहां भी विरोध का सामना करना पड़ा, जो मंत्री किरोड़ी लाल मीणा 2 दिन पहले मंत्री जवाहर सिंह बेढम की शिकायत करने दिल्ली गए थे, अब दोनों को ही हेलीकॉप्टर से हवाई दौरे पर क्यों भेजा? दोनों ने एक दूसरे से आंख तक नहीं मिलाई तो फिर वो संयुक्त रिपोर्ट कैसे देंगे कि कितनी जनधन हानि हुई. डोटासरा ने कहा कि स्कूल बंद पड़े हैं. बच्चों को सुरक्षित स्कूलों में भी बैठाना है तो 26000 करोड़ रुपए की आवश्यकता है. सरकार को बताना चाहिए कि वह केंद्रीय शिक्षा मंत्री से मिलकर कितना पैकेज स्कूलों के जीर्णोद्धार के लिए लाए हैं.




















