सवाई माधोपुर: जिले के करीब एक से डेढ़ दर्जन गांव इन दिनों कुदरत की मार झेल रहे हैं. सवाई माधोपुर में मानसून का दूसरा दौर इस कदर कहर बरपा रहा है कि जिले के कई गांवों में पानी का सैलाब आ गया और गांव के गांव पूरी तरह से जलमग्न हो गए. जिले में हुई भारी बारिश के चलते जिले के सभी नदी-नाले उफान पर हैं. भारी बारिश के चलते जिले के 18 में से तकरीबन अधिकतर बांध ओवरफ्लो हो गये हैं. इन पर चादर चल रही है. वहीं कई छोटे-बड़े तालाब और एनीकट टूट गए, जिससे लगातार पानी की आवक गांवों में हो रही है.
जिले में हुई भारी बारिश के चलते जिले के तकरीबन सभी बांधों पर चादर चल रही है, जिससे बांधों के निचले इलाकों में बसे गांवो में पानी का सैलाब देखने को मिल रहा है. सर्वाधिक हालत सुरवाल बांध के निचले इलाकों में बसे गांवों में खराब हैं. सुरवाल बांध पर करीब दो से ढाई फिट की चादर चल रही है. बांध का पानी सुरवाल, धनोली, गोगोर, जडावता, शेषा, मच्छीपुरा सहित करीब एक से डेढ़ दर्जन गांवों में भर गया. इन गांवों में हालात इतने खराब है कि गांव के सैंकड़ों मकान पानी में डूब गए. घरों में पानी भरने से लोगों का खाने-पीने सहित जरूरत का सारा सामान खराब हो गया है. वहीं कई लोग विगत दो-तीन दिनों से अपने घरों की छत पर आश्रय लिए हुए हैं.
सुरवाल बांध के ओवरफ्लो होने से पानी लालसोट कोटा मेगा हाईवे पर आ रहा है, जिससे हाईवे पुरी तरह से दरिया में तब्दील हो गया है. वाहनों की आवाजाही पर पूरी तरह बंद हो चुकी है. हाईवे का करीब आठ से दस किलोमीटर का क्षेत्र पानी में डूब चुका है. हाइवे पर कई जगहों पर तीन से चार फीट तक पानी बह रहा है. ऐसे में एक से दूसरे छोर तक आने-जाने के लिए लोगों को ट्रैक्टर-ट्रॉली का सहारा लेना पड़ रहा है. वहीं जो लोग जबरन अपने छोटे वाहन लेकर हाइवे से पानी के बीच से गुजरने का प्रयास करते हैं, उनकी गाड़िया पानी में बंद पड़ रही हैं, जिन्हें ट्रैक्टर से खींचकर ही निकाला जा रहा है.
सुरवाल के साथ ही धनोली और जडावता गांव में भी हालत बदतर हैं. गांव के चारों ओर पानी ही पानी है. गांव के तकरीबन सभी घर पानी की जद में हैं. सुरवाल बांध से ओवरफ्लो होकर आ रहे पानी में ग्रामीणों ने सड़क और गलियों में जगह-जगह जाल लगा दिए और मछलियां पकड़ रहे हैं. वहीं गांव के बच्चे और महिलाएं भी पानी के तेज बहाव के बीच मौज मस्ती करते नजर आ रहे हैं. बाढ़ के चलते गांव के हालात खराब हैं. ग्रामीण कुदरत की इस मार से बेहद परेशान है.
एसडीएम का कहना है कि जिले के करीब एक से डेढ़ दर्जन गांवों में बने बाढ़ के हालातों को लेकर जिला प्रशासन भी अलर्ट है. प्रशासन के सामने कई चुनौतियां भी हैं. प्रशासन द्वारा लोगों को रेस्क्यू कर सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया जा रहा है. प्रशासन द्वारा एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमों को बाढ़ग्रस्त इलाकों में जगह-जगह तैनात किया गया है. जहां रेस्क्यू की जरूरत पड़ रही है, वहां इन टीमों द्वारा लोगों को रेस्क्यू कर सुरक्षित जगहों पर भेजा जा रहा है. जिला कलेक्टर कानाराम सहित सभी प्रशासनिक अमला ग्राउंड पर है. जहां जरूरत है, उस हिसाब से लोगों तक हरसंभव मदद पहुंचाने का काम किया जा रहा है.
कलेक्टर एवं विधायक ने किया रणथंभौर मार्ग का निरीक्षण: रणथंभौर स्थित त्रिनेत्र गणेश मंदिर में तीन दिवसीय लक्खी मेले का आयोजन 26 अगस्त से होगा. हालांकि इससे पहले तेज बारिश ने त्रिनेत्र गणेश मंदिर मार्ग में तबाही मचा रखी है. मार्ग में जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं. कई जगहों पर पहाड़ों के पत्थर खिसक कर आ गए हैं. रविवार को हालातों का जायजा लेने के लिए कलेक्टर कानाराम खंडार, विधायक जितेंद्र गोठवाल प्रशासनिक अमले सहित मौके पर पहुंचे. उन्होंने क्षतिग्रस्त मार्ग को दुरुस्त कराने के निर्देश दिए हैं. वन विभाग के अधिकारियों को निर्देशित करते हुए जितेंद्र गोठवाल ने कहा कि तीन दिनों तक रणथंभौर मेले के दौरान लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है. इसलिए मार्ग को तुरंत प्रभाव से दुरुस्त करें.
नागौर में भारी बारिश: नागौर में सुबह से ही भारी बारिश का दौर जारी है. कॉलेज रोड व बीकानेर रोड पर एक-एक फीट से अधिक पानी भरने से डिवाइडर के ऊपर से पानी निकलने लगा. वहीं शहर के शिवबाड़ी क्षेत्र में दो से तीन फीट तक पानी भर गया. इसी प्रकार बी रोड, लौहारपुरा, नया दरवाजा, कृषि मंडी तिराहा, दिल्ली दरवाजा, मूण्डवा चौराहा सहित अन्य क्षेत्रों में घुटनों से लेकर कमर तक पानी का भराव हो गया है. जिला मुख्यालय के जेएलएन अस्पताल में भी पानी भर गया है. जिला प्रशासन ने शहरवासियों को घरों से बाहर नहीं निकलने की सलाह दी है.
बड़ली रोड पर गिरा मकान, तीन लोग दबे: नागौर शहर के प्राइवेट बस स्टैण्ड से बड़ली की ओर जाने वाले रास्ते पर एक पुराना मकान तेज बारिश के चलते आज सुबह ढह गया, जिससे उसमें तीन लोग दब गए. एक व्यक्ति को बाहर निकालकर गंभीर हालत में अस्पताल भेजा गया है. जबकि दो के दबे होने की आशंका है, जिन्हें निकालने का प्रयास किया जा रहा है.
डीडवाना-कुचामन में दो की मौत: इसी प्रकार डीडवाना-कुचामन जिले के कोलिया पहाड़ी क्षेत्र में भारी बरसात से एक मकान की दीवार गिर गई. जानकारी के अनुसार दीवार के मलबे में दबने से दो मजदूरों की मौत हो गई, जिनकी पहचान कोटा निवासी राहुल और दिलखुश के रूप में हुई है.




















