जयपुर: प्रदेश में पिछले डेढ़ साल से निकाय और पंचायत चुनाव नहीं कराने से नाराज कांग्रेस ने अब भाजपा और राज्य निर्वाचन आयोग के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. कांग्रेस राजीव गांधी पंचायती राज संगठन निकाय चुनाव की मांग को लेकर 20 अगस्त को जयपुर में स्वराज रैली और राजभवन कूच करेगा. संगठन का दावा है कि रैली में 15 हजार से ज्यादा लोग शामिल होंगे.
राजीव गांधी पंचायती राज संगठन के प्रदेशाध्यक्ष सीबी यादव ने सोमवार को पीसीसी मुख्यालय में मीडिया से बताया कि 20 अगस्त को पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी का जन्मदिन है, जिन्होंने 73वें और 74वें संविधान संशोधन के जरिए निकाय और पंचायत चुनाव हर 5 साल में कराने अनिवार्य किए थे, लेकिन राजस्थान में डेढ़ साल बाद भी सरकार चुनाव नहीं करवा पाई, जो संविधान का उल्लंघन है. संविधान के अनुच्छेद 243 ई और 243 यू में कहीं प्रावधान नहीं है कि 5 वर्ष के कार्यकाल पूर्ण होने के बाद एक दिन के लिए भी चुनाव स्थगित किया जाए या प्रशासक लगाया जाए. परिसीमन भी नई जनगणना के उपरांत किया जा सकता है. साल 2019 में पिछला परिसीमन हुआ था, उसके बाद कोई जनगणना नहीं हुई.
राज्य निर्वाचन आयोग भी चुरा रहा वोट: सीबी यादव ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय की ओर से हरियाणा की एक पंचायत और चंडीगढ़ नगर निगम के मेयर का चुनाव निर्णय बदलने से स्पष्ट हो गया कि स्थानीय सरकारों के चुनाव में राज्य निर्वाचन आयोग भाजपा सरकारों के बंधक के रूप में काम कर लोकतंत्र का गला घोंटने का काम कर रहा है.
दो बच्चों का नियम संविधान के विरुद्ध: यादव ने कहा कि जिस व्यक्ति को वोट देने का अधिकार है, उसे चुनाव लड़ने का भी अधिकार है, लेकिन दो बच्चों वाला नियम बनाकर व्यक्ति के संवैधानिक अधिकारों का हनन किया जा रहा है. वो व्यक्ति भले ही कितना योग्य हो लेकिन अगर दो से ज्यादा बच्चे हैं तो वो चुनाव नहीं लड़ सकता है, यह नियम संविधान के विपरीत है. ग्राम सभा को संविधान में खूब अधिकार दिए, लेकिन राजस्थान में एक भी ग्राम सभा नहीं है, जो कागजों में भी मौजूद हो.
पांच लाख हस्ताक्षरयुक्त ज्ञापन: उन्होंने कहा कि निकाय और पंचायत चुनाव कराने के साथ ही स्थानीय सरकारों को मजबूत बनाने समेत कई मुद्दों को लेकर हमने पूरे राजस्थान में व्यापक जन जागरण अभियान चलाया. हस्ताक्षर अभियान के जरिए 5 लाख से अधिक नागरिकों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों का हस्ताक्षर एकत्र किए, जिसे हम राज्यपाल को सौंपेंगे.
पीसीसी मुख्यालय के बाहर स्वराज संवाद: उन्होंने कहा कि 20 अगस्त को संगठन कार्यकर्ता पीसीसी मुख्यालय के बाहर एकत्र होंगे. यहां स्वराज संवाद किया जाएगा, जहां स्थानीय सरकारों के जनप्रतिनिधियों से संवाद करेंगे. इसके बाद कार्यकर्ता रैली के रूप में राजभवन की ओर कूच करेंगे.
रैली के प्रमुख मुद्दे
- पंचायत और निकाय चुनाव की तत्काल बहाली
- निकाय परिसीमन में मनमानी का विरोध और पारदर्शिता की मांग
- दो बच्चों का नियम जैसे लोकतंत्र विरोधी शर्तों की समाप्ति
- पंचायत निकायों को वित्तीय प्रशासनिक और विधायी अधिकारों की पुनर्बहाली
- संविधान की 11वीं और 12वीं अनुसूची के विषयों को पूरी तरह पंचायत और पालिकाओं को हस्तांतरित करना
- स्थानीय सरकारों के निर्वाचित प्रतिनिधियों की पेंशन, उचित मानदेय और गरिमा व अधिकारों की रक्षा करना
- पारदर्शी मतदाता सूची और निष्पक्ष चुनाव
- ग्राम सभाओं की वीडियो रिकॉर्डिंग और जिओ टेकिंग कराना




















