कुचामनसिटी : नागौरी बैलों के लिए प्रसिद्ध रहा एशिया प्रसिद्ध वीर तेजा पशु मेला, जो हर साल हजारों पशुपालकों, व्यापारियों और दर्शकों के लिए आकर्षण का केंद्र होता है, बुधवार की देर रात अचानक बवाल और अफरा-तफरी का मैदान बन गया. शांतिपूर्ण माहौल में चल रहे मेले में तनाव उस वक्त चरम पर पहुंच गया, जब बाहर से आए कुछ अज्ञात लोगों का एक समूह, खुद को गौरक्षक बताते हुए मेले में आए पशुपालकों से उलझ पड़ा.
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार इन अज्ञात लोगों ने पशुपालकों की गाड़ियों में भरे मवेशियों को जबरन बाहर निकालना शुरू कर दिया. इस दौरान उन्होंने पशुपालकों के साथ गाली-गलौच और अभद्र व्यवहार किया. कई पशुपालकों ने इसका विरोध किया तो मामला और गरमा गया. आरोप है कि ये लोग केवल पशुपालकों तक ही सीमित नहीं रहे और पशुपालन विभाग के अधिकारियों से भी उलझ गए और धक्का-मुक्की तक की नौबत आ गई. स्थिति इतनी बिगड़ गई कि इन अज्ञात लोगों की कुछ स्थानीय लोगों से भी हाथापाई हो गई.
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मामला यहीं नहीं रुका, बवाल के बीच इन लोगों ने बीच सड़क पर बैठकर रास्ता जाम कर दिया, जिससे मेले के आसपास यातायात पूरी तरह ठप हो गया. सूचना मिलते ही परबतसर व मकराना पुलिस का जाप्ता एवं अधिकारी और सुरक्षा बल मौके पर पहुंचे. उन्होंने उपद्रवियों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस का ये प्रयास सफल नहीं हुआ. कुछ लोगों ने तो पुलिस के सामने भी आक्रामक रुख अपनाया. हालात काबू से बाहर होते देख पुलिस ने आखिरकार उनको खदेड़ने के लिए लाठीचार्ज किया. लाठीचार्ज के दौरान भगदड़ मच गई, जिसमें कई लोग घायल हो गए. तुरंत घायलों को उपजिला चिकित्सालय पहुंचाया. प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें अजमेर रेफर कर दिया गया.
पशु मेला शांतिपूर्ण सम्पन्न हुआ. जब पशुओं को लेकर जा रहे थे तो देर रात्रि को कुछ लोगों ने पशुपालकों की गाड़ियों में भरे मवेशियों को जबरन बाहर निकालना शुरू कर दिया, जिसे लेकर माहौल खराब होने लगा. पुलिस मौके पर पहुंची और सभी को समझाइश करने की कोशिश की. इसपर ज्यादा विरोध किया गया. पुलिस ने हलका बल प्रयोग कर कुछ लोगों को हिरासत में लिया है.




















