जयपुर: मनोहरपुर-दौसा मेगा हाईवे की अंधेरी रात. खाटूश्याम के भक्तों से भरी पिकअप गाड़ी को जब बेकाबू कंटेनर ने टक्कर मारी, तो सिर्फ धातु के टुकड़े ही नहीं बिखरे, 11 जिंदगियां भी चकनाचूर हो गई. इनमें से 7 मासूम बच्चे थे, जो अब कभी स्कूल नहीं जा पाएंगे, और जो बचे हैं, उनकी आंखों में डर है. दर्द है. शेष बचा है एक सवाल ‘अब जिंदगी कैसे कटेगी?’.
जयपुर के मनोहरपुर-दौसा मेगा हाईवे पर मंगलवार देर रात दिल दहला देने वाला सड़क हादसा हुआ है. इसमें बेकाबू कंटेनर ने एक पिकअप को टक्कर मारी और एक झटके में 11 जिंदगियों को कुचल डाला. ये लोग उत्तर प्रदेश के एटा जिले के असरौला गांव के थे और खाटूश्यामजी व सालासर बालाजी के दर्शन कर लौट रहे थे. कुछ घायलों को दौसा के अस्पताल में भर्ती करवाया गया, जबकि कुछ गंभीर घायलों को जयपुर के सवाईमानसिंह अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर में भेजा गया है. हादसे में 7 बच्चों की मौत हुई है.
जिंगदी की जंग लड़ रहा मासूम नैतिक: हादसे में 7 साल के मासूम नैतिक की जिंदगी एक झटके में ही बदल गई. हादसे से पहले वह अपने माता-पिता के साथ था. कुछ ही पल में उसका सब कुछ छिन गया. उसने माता-पिता को खो दिया. अब खुद अस्पताल में जिंदगी और मौत से जंग लड़ रहा है. अब उसके दादाजी ही उसके जीवन के सहारे हैं.
400 किमी दूर से दौड़े चले आए दादा: इस हादसे के बारे में जब उन्हें पता चला तो वे 400 किमी दूर से दौड़े चले आए. अब वे अपने पोते का इलाज करवा रहे हैं. अभी तक उन्हें नहीं बताया गया कि उनका पूरा परिवार चला गया है. वे एसएमएस में अपने पोते के पास निढाल बैठे हैं. कभी पोते को देखते हैं तो कभी शून्य में खो जाते हैं.
किसी ने बच्चों को खोया, किसी ने भाई को: इस भीषण हादसे ने न केवल जिंदगियां गईं, बल्कि रिश्ते भी खो गए. किसी ने अपने बच्चों को खो दिया. किसी ने अपनी पत्नी या पति को. हादसे की सूचना पाकर असरौला के निवासी अजय भी 400 किलोमीटर से जयपुर पहुंचे. हादसे में उनका भाई घायल हो गया. वह एसएमएस के ट्रॉमा सेंटर में भर्ती है. अजय ने बताया कि सभी एक ही गांव असरौला के निवासी थे. आपस में रिश्तेदार थे.
सालासर से लौट रहे थे: अजय ने बताया कि सभी लोगों ने पहले खाटूश्याम दर्शन किए. इसके बाद सालासर बालाजी के दर्शन कर वापस लौट रहे थे. रात को यह हादसा हो गया. दौसा मनोहरपुर हाईवे पर बापी गांव के निकट एक कंटेनर ने उनकी पिकअप को सामने से टक्कर मार दी. हादसे के बाद उसके पास किसी का फोन गया और वे तुरंत रवाना हो गए.
पत्नी की मौत, पति वेंटिलेटर पर: हादसे में घायल सीमा देवी ने एसएमएस अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया. उनके पति मनोज वेंटिलेटर पर हैं. वे मौत से जंग लड़ रहे हैं. चिकित्सकों का कहना है कि फिलहाल स्थिति गंभीर है. उन्हें ICU में रखा गया है. सरकार के निर्देश के बाद सभी घायलों का इलाज निःशुल्क किया जा रहा है.




















