राहुल गांधी के ‘वोट चोरी’ से जुड़े दावों के बाद, इंडिया टुडे को बेंगलुरु सेंट्रल में मुनि रेड्डी गार्डन में 10-15 वर्ग फुट के एक घर में 80 वोटर्स रजिस्टर्ड मिले. मौजूदा वक्त में घर में रहने वाले शख्स ने उन्हें पहचानने से इनकार कर दिया. घर के मालिक ने माना कि कई पूर्व किरायेदार अब भी मतदान करने आते हैं.
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने गुरुवार को बीजेपी और चुनाव आयोग पर ‘वोट चोरी’ का आरोप लगाया. इस दौरान, उन्होंने बेंगलुरु सेंट्रल निर्वाचन क्षेत्र में वोटों में हेराफेरी का आरोप लगाया. इंडिया टुडे ने बेंगलुरु सेंट्रल निर्वाचन क्षेत्र में वोटों की हेराफेरी के दावों की जमीनी हकीकत जानने की कोशिश की. इस दौरान, शहर के आईटी कॉरिडोर, आउटर रिंग रोड के पास, महादेवपुरा के बूथ संख्या 470 पर फोकस किया गया.
मुनि रेड्डी गार्डन स्थित मकान संख्या 35 के बारे में जानकारी निकालने की कोशिश की गई, जिसके बारे में राहुल गांधी ने दावा किया कि करीब 80 मतदाताओं ने फर्जी तरीके से रजिस्ट्रेशन कराया है.
बमुश्किल 10-15 वर्ग फुट के इस घर में मौजूदा वक्त में पश्चिम बंगाल से आए एक फ़ूड डिलीवरी कर्मचारी दीपांकर रहते हैं, जो एक महीने पहले ही यहां आए हैं. उन्होंने कहा कि बेंगलुरु में उनका कोई वोटर रजिस्ट्रेशन नहीं है और वे उस पते से जुड़ी वोटर लिस्ट में मौजूद नामों को नहीं पहचानते.
दीपांकर ने बताया कि यह घर जयराम रेड्डी का है, जिनके बारे में उन्होंने बताया कि वे बीजेपी से जुड़े हैं. संपर्क करने पर, रेड्डी ने पहले तो बीजेपी से अपने जुड़ाव की बात स्वीकार की, बाद में उन्होंने कहा कि मैं सिर्फ बीजेपी का वोटर हूं, पार्टी कार्यकर्ता नहीं हूं. उन्होंने यह बात मानी कि कई किरायेदार वर्षों से वहां रह रहे थे और उन्होंने अपना नाम वोटर के रूप में दर्ज कराया था, लेकिन अब उनमें से ज्यादातर वहां से चले गए हैं. इसके बावजूद, उन्होंने कहा कि कुछ लोग चुनावों के दौरान वोट डालने के लिए वापस आते हैं.
जयराम रेड्डी ने स्वीकार किया कि उन्होंने चुनाव अधिकारियों को इन विसंगतियों के बारे में बताया नहीं था, लेकिन अब ऐसा करने का वादा किया. इंडिया टुडे से बात करते हुए, उन्होंने पुष्टि की कि वोटर लिस्ट में उस एड्रेस पर 80 लोगों का नाम दर्ज है, जबकि घर में उन्हें रहने की व्यवस्था नहीं थी. उन्होंने दावा किया कि कई लोग ओडिशा, बिहार और मांड्या सहित दूसरे राज्यों या जिलों में चले गए हैं, लेकिन उन्होंने माना कि ‘उनमें से कुछ’ अभी भी चुनाव के वक्त वोट देने के लिए लौटते हैं.




















