जयपुर : राजस्थान बीजेपी में वायरल शहर जिला अध्यक्ष की सूची को लेकर शुरू हुआ बवाल खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है. अब शहर जिला अध्यक्ष की शिकायत दिल्ली तक पहुंच गई है. भाजपा के शीर्ष नेतृत्व ने भी नाराजगी जताई है. सूची को लेकर शहर अध्यक्ष की भूमिका से नाखुश पार्टी अहम निर्णय ले सकती है. माना जा रहा है कि आने वाले समय में अध्यक्ष के ऊपर गाज गिर सकती है. सूची वायरल होने के साथ सूची में जिन नाम का जिक्र किया है, उसमें भी कई खामियां सामने आई हैं. इसकी शिकायत भी दिल्ली गई है. बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने पूरे मामले में गहन पड़ताल कर पार्टी नेतृत्व को अवगत कराया है. राठौड़ सोमवार देर शाम जयपुर पहुंचे और मुख्यमंत्री आवास पहुंचकर सीएम से भी मुलाकात की. बताया जा रहा है कि दोनों के बीच में जयपुर शहर की सूची को लेकर चर्चा हुई है.
दिल्ली पहुंचा मामला : भारतीय जनता पार्टी की जयपुर शहर इकाई की कार्यकारिणी को लेकर छिड़ा विवाद जयपुर से दिल्ली तक पहुंच गया. पार्टी सूत्रों के मुताबिक सिफारिशी सूची विवाद पार्टी के शीर्ष नेतृत्व तक पहुंचा. बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने इसे गंभीर माना और आलाकमान को पार्टी की छवि धूमिल होने वाले मामले से अवगत कराया. पार्टी इसे घोर अनुशासनहीनता मान रही है. बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ पहले ही कह चुके हैं कि इस तरह की गलती नहीं होनी चाहिए थी. ऐसा पहले कभी नहीं हुआ और होना भी नहीं चाहिए. इसकी समीक्षा की जाएगी.
पार्टी में सिर्फ सिफारिशों पर ही पद दिया जाता? : इस मामले में राजनीतिक विश्लेषक और वरिष्ठ पत्रकार शेमसुंदर शर्मा कहते हैं कि इस तरह की घटनाएं पार्टी की साख और एकता को नुकसान पहुंचा सकती हैं. खासकर तब जब पार्टी को आगामी चुनावों के मद्देनजर संगठित और सशक्त दिखना चाहिए. जिस तरह की गलती जाने-अनजाने में मौजूदा बीजेपी शहर अध्यक्ष अमित गोयल से हुई है, ये अनुशासन और आम कार्यकर्ता की पार्टी का दावा करने वाली बीजेपी पर कई तरह के सवाल उठाती है. सवाल ये भी कि क्या पार्टी में सिर्फ सिफारिशों पर ही पद दिया जाता? सवाल ये कि क्या पार्टी में आम कार्यकर्ता को जगह नहीं मिलती?
सूची सार्वजनिक हो जाना और इस तरह से सोशल मीडिया पर डालना गंभीर विषय है. इस तरह से नहीं होना चाहिए. शहर अध्यक्ष से इस मामले पर बात की है. पूरे मामले का देखा किया जा रहा है, जो भी आगे निर्णय होगा वो बता दिया जाएगा. अभी इस मामले का विश्लेषण किया जा रहा है.
लिस्ट के साथ विवाद और विरोध शुरू : भाजपा के शहर अध्यक्ष अमित गोयल ने अपनी कार्यकारिणी की घोषणा की. कुल 34 नेताओं को शहर कार्यकारिणी में विभिन्न पदों पर जिम्मेदारी दी गई थी. हैरानी की बात यह है कि 34 में से 22 नेताओं को सिफारिश के कारण कार्यकारिणी में शामिल किया गया, जैसे ही लिस्ट सामने आई तो विवाद शुरू हो गया. लोग सोशल मीडिया पर ही अपनी प्रतिक्रिया देने लगे. इतना ही नहीं भाजपा जिला महिला मोर्चा की अध्यक्ष अनुराधा माहेश्वरी का नाम लिस्ट में नहीं होने पर उन्होंने सोशल मीडिया पर तो अपनी नाराजगी प्रकट की. इसके साथ अपनी समर्थक जिला महिला मोर्चा की महिलाओं के साथ बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष तक लिखित में शिकायत लेकर पहुंची. बताया जाता है कि विधायक कालीचरण सराफ, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अशोक परनामी, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अरुण चतुर्वेदी ने भी अपने समर्थकों को जगह नहीं मिलने के कारण नाराजगी व्यक्त की है.
बड़े नेताओं की छवि हुई धूमिल : जयपुर शहर अध्यक्ष अमित गोयल सिर्फ कार्यकारिणी की सूची जारी कर देते. इतना तो ठीक था, लेकिन सोशल मीडिया पर सार्वजनिक की गई लिस्ट में पदाधिकारियों के आगे उन नेताओं के नाम भी लिख दिए गए, जिन्होंने उनके नाम की सिफारिश की थी. जिन 34 नामों की सूची जारी की गई, उसमें 22 पदाधिकारियों को सिफारिश पर जिला टीम शामिल किया गया. इसमें 3 नेताओं की मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की सिफारिश के आधार पर, जबकि एक नेता को मुख्यमंत्री कार्यालय की सिफारिश के आधार पर स्थान दिया गया. 4 पदाधिकारी ऐसे हैं जिन्हें डिप्टी सीएम दीया कुमारी की सिफारिश पर कार्यकारिणी में स्थान दिया गया. सिफारिश करने वाले नेताओं में कैबिनेट मंत्री कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौड़, डिप्टी सीएम डॉ. प्रेमचंद बैरवा, पूर्व प्रदेशाध्यक्ष अशोक परनामी, सांसद मंजू शर्मा, विधायक कालीचरण सराफ, कैलाश वर्मा, बालमुकुंद आचार्य, गोपाल शर्मा, चंद्र मोहन बटवाड़ा का नाम भी है.
लिस्ट में था इन सदस्यों का जिक्र : इस कार्यकारणी में कुल 34 पदाधिकारियों का नाम था. इसमें 8 उपाध्यक्ष, 3 महामंत्री, 9 मंत्री, 1 कार्यालय मंत्री, 1 कार्यालय प्रभारी, 6 प्रवक्ता, 1 आईटी संयोजक, 1 आईटी सह संयोजक, 1 सोशल मीडिया संयोजक, 1 सोशल मीडिया सह संयोजक, 1 प्रकोष्ठ संयोजक और 1 मीडिया सह संयोजक शामिल थे. उपाध्यक्ष की फेहरिस्त में ब्रह्माकुमार सोनी, राजेश तांबी, अनुराग शर्मा, अजय यादव, शैलेंद्र शर्मा, महेंद्र सिंह पवार, सुरेंद्र पूर्ववंशी और सुरेश गुर्जर का जिक्र था. लिस्ट में नवरत्न नारानियां, रेखा राठौड़, हिरेन मिश्रा को महामंत्री, कृष्ण मुरारी पारीक, जीआर मीणा, अंजना सेन, निर्मल शर्मा, दुर्गा कटारिया, प्रिया गेनानानी, रश्मि सैनी, नीलू शर्मा और भवानी शर्मा को संगठन मंत्री नियुक्त किया गया था. इसके अलावा प्रवक्ता, आईटी संयोजक, सोशल मीडिया संयोजक, सोशल मीडिया सह संयोजक, प्रकोष्ठ संयोजक और मीडिया सहसंयोजक का प्रभार भी दिया गया था. सोशल मीडिया पर ये सूची वायरल होने के कुछ देर बाद ही इसे हटा दिया गया था.




















