जयपुर: राजस्थान हाईकोर्ट ने राजस्थान विश्वविद्यालय के छात्रसंघ चुनाव कराने संबंधी याचिका पर राज्य सरकार और विश्वविद्यालय प्रशासन से एक अगस्त तक जवाब मांगा है. राजस्थान विश्वविद्यालय के एमए के छात्र जय राव की याचिका पर प्रारंभिक सुनवाई करते हुए जस्टिस अनूप ढंड ने ये आदेश दिए.
याचिका में राव ने अधिवक्ता शांतनु पारीक के जरिए बताया कि विश्वविद्यालय के हर छात्र को अपना प्रतिनिधि चुनने का संवैधानिक अधिकार है. अपने प्रतिनिधि के माध्यम से ही विद्यार्थियों की समस्याएं प्रशासन तक पहुंचती हैं. सुप्रीम कोर्ट ने भी केरल विश्वविद्यालय के मामले में इसे मूलभूत अधिकार माना. सुप्रीम कोर्ट कह चुका है कि मूलभूत अधिकार को किसी कानून या कोर्ट आदेश से छीना नहीं जा सकता. लिंगदोह कमेटी की सिफारिशों के तहत हर साल छात्रसंघ चुनाव कराए जाने चाहिए. कमेटी की सिफारिश के अनुसार, सत्र शुरू होने के छह से आठ सप्ताह के भीतर छात्रसंघ चुनाव होने चाहिए.




















